ऊधम सिंह नगर के 5471 लोगों ने दिखाई जागरूकता: स्व-गणना के जरिए जनगणना प्रक्रिया को बनाया आसान

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उत्तराखंड में चल रही डिजिटल मकान स्व-गणना प्रक्रिया शुक्रवार को अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। आज इसका आखिरी दिन है, जिसके बाद शनिवार यानी 25 अप्रैल से पूरे प्रदेश में घर-घर जाकर गणना का कार्य शुरू किया जाएगा। जनगणना निदेशालय ने इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रदेश में 10 अप्रैल से शुरू हुई डिजिटल भवन स्व-गणना में लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया है। अब तक करीब 56 हजार लोगों ने घर बैठे अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कराई है और उन्हें एसई आईडी जारी की जा चुकी है। यह आईडी आगे होने वाले सत्यापन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

जिलेवार आंकड़ों के अनुसार, देहरादून में सबसे ज्यादा 9627 लोगों ने स्व-गणना की है। इसके अलावा नैनीताल में 8255, हरिद्वार में 6410 और ऊधम सिंह नगर में 5471 लोगों ने इस प्रक्रिया में भाग लिया। वहीं अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी और उत्तरकाशी में भी हजारों लोगों ने डिजिटल माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कराई है। अब पहले चरण के तहत 25 अप्रैल से 24 मई तक घर-घर मकान सूचीकरण और गणना का कार्य किया जाएगा। इसके लिए कुल 30,839 कर्मियों की टीम बनाई गई है, जिसमें 4,491 सुपरवाइजर और 26,348 प्रगणक शामिल हैं। यह टीम हर घर तक पहुंचकर जरूरी जानकारी जुटाएगी। जनगणना निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव के अनुसार, जिन लोगों ने पहले ही डिजिटल माध्यम से स्व-गणना कर ली है, उनके घर भी प्रगणक पहुंचेंगे। वे एसई आईडी लेकर डेटा का सत्यापन करेंगे और मौके पर ही जानकारी को अंतिम रूप देंगे। वहीं, जिन्होंने अभी तक स्व-गणना नहीं की है, उन्हें 33 सवालों का जवाब देना होगा, जिसके बाद उनकी गणना पूरी की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे प्रगणकों का सहयोग करें और सही जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि राज्य के विकास और योजनाओं के लिए सटीक आंकड़े तैयार किए जा सकें।