मसूरी में बडोनी चौक से उठी मांग,  टाउन हॉल का नाम पर्वतीय गांधी के नाम पर हो

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मसूरी। पर्वतीय गांधी इंद्रमणि बडोनी की 27वीं पुण्यतिथि पर मंगलवार को मसूरी के बडोनी चौक पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान राज्य आंदोलनकारियों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से मसूरी पालिका के टाउनहॉल का नाम इंद्रमणि बडोनी के नाम पर रखने की मांग उठाई।
इंद्रमणि बडोनी विचार स्मृति मंच के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में समिति के सचिव एवं राज्य आंदोलनकारी प्रदीप भंडारी ने कहा कि बडोनी ने उत्तराखंड की पहचान, संस्कृति और पहाड़ के हितों के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उन्होंने सरकार पर उत्तराखंड के महापुरुषों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य आंदोलन के इतिहास और बडोनी के जीवन-दर्शन को स्कूली पाठ्यक्रम में समुचित स्थान दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बडोनी का सपना गांवों को खुशहाल और पहाड़ को मजबूत बनाने का था, लेकिन पलायन, बंद होते स्कूल और रोजगार के अभाव ने कई गांवों को वीरान कर दिया है। भाषा और संस्कृति के संरक्षण के लिए भी ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
कार्यक्रम में व्यापार संघ एवं भाजपा नगर अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने बडोनी को राज्य आंदोलन का प्रेरणास्रोत, महान विचारक और शांति का अग्रदूत बताया। उन्होंने कहा कि सरकार बडोनी के विचारों और राज्य के महापुरुषों के योगदान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि 24 दिसंबर को बडोनी के जन्मदिन को संस्कृति दिवस के रूप में घोषित किया गया है, जबकि स्कूलों में उनके जीवन पर आधारित कार्यक्रम, निबंध और गीत प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं। उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन बढ़ाए जाने और आंदोलनकारियों के आश्रितों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ मिलने की जानकारी भी दी। इस अवसर पर समिति के संरक्षक रमेश राव, कांग्रेस नगर अध्यक्ष अमित गुप्ता, राज्य आंदोलनकारी देवी गोदियाल, सभासद अमित भट्ट, श्रीपति कंडारी, राजीव अग्रवाल, चौतराम बडोनी, गुणानंद सेमवाल, कमलेश भंडारी, संजय टम्टा और राजेंद्र कंडारी समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।