govt-ads

मसूरी मालरोड पर फिर खुले गर्ग डिस्पेंसरी, उठी मांग

Blog
 Image


स्वास्थ्य सुविधा के अभाव में स्थानीय लोगों और पर्यटकों को परेशानी, पिछले साल जाम में फंसे पर्यटक की मौत के बाद तेज हुई मांग
पालिका अध्यक्ष बोलीं- हाईकोर्ट के फैसले के बाद शुरू होगा निर्माण

पहाड़ों की रानी मसूरी की लाइफलाइन कही जाने वाली मालरोड पर वर्षों पुरानी गर्ग डिस्पेंसरी को दोबारा शुरू करने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मालरोड शहर का सबसे व्यस्त पर्यटन क्षेत्र है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के साथ देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में किसी व्यक्ति की अचानक तबीयत बिगड़ने पर मालरोड पर ही तत्काल प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध होना बेहद जरूरी है।
जाम में फंसे पर्यटक को नहीं मिल सका समय पर इलाज
गर्ग डिस्पेंसरी को दोबारा शुरू करने की मांग के पीछे पिछले साल हुई एक घटना का भी हवाला दिया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले वर्ष मालरोड पर एक पर्यटक को अचानक हार्ट अटैक आ गया था। उसे उपचार के लिए सिविल अस्पताल ले जाने का प्रयास किया गया, लेकिन रास्ते में जाम होने के कारण उसे समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका और उसकी जान नहीं बच सकी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि उस समय मालरोड पर गर्ग डिस्पेंसरी संचालित होती तो पर्यटक को घटनास्थल के नजदीक ही तत्काल प्राथमिक चिकित्सा और जरूरी मेडिकल सहायता मिल सकती थी। इसी घटना के बाद मालरोड पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की जरूरत को लेकर लोगों की मांग और तेज हुई है।
मालरोड पर प्राथमिक उपचार की सुविधा जरूरी
स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्तमान में मसूरी में प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य सुविधा सिविल अस्पताल के रूप में उपलब्ध है, लेकिन मालरोड से अस्पताल तक पहुंचने में आपात स्थिति के दौरान समय लग सकता है। पर्यटन सीजन में मालरोड पर भीड़ और यातायात का दबाव कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में हार्ट अटैक, सांस लेने में परेशानी, चोट लगने, बेहोशी या अन्य आकस्मिक स्थिति में मरीज को अस्पताल पहुंचाने से पहले प्राथमिक उपचार उपलब्ध होना जरूरी है।
पूर्व पालिका बोर्ड के कार्यकाल में गर्ग डिस्पेंसरी को ध्वस्त किए जाने का स्थानीय स्तर पर विरोध भी हुआ था। लोगों का कहना है कि यह स्थान लंबे समय से मालरोड क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधा का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। इसके हटने के बाद मालरोड और आसपास के क्षेत्रों में प्राथमिक चिकित्सा की कमी महसूस की जा रही है।
पर्यटन सीजन में बढ़ जाती है जरूरत
मालरोड पर पर्यटन सीजन के दौरान भारी भीड़ रहती है। बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं के साथ बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं। ऐसे में अचानक स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना चुनौती बन जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मालरोड पर डिस्पेंसरी होने से गंभीर मरीज को अस्पताल पहुंचाने तक शुरुआती उपचार दिया जा सकता है और कई मामलों में यह जीवनरक्षक साबित हो सकता है।
स्थानीय निवासी अनिल, दीपक, गोविंद और उज्ज्वल नेगी ने कहा कि नगर पालिका को इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए गर्ग डिस्पेंसरी का निर्माण जल्द शुरू करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मसूरी जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल पर मालरोड के बीचों-बीच प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा होना महज सुविधा नहीं, बल्कि समय की जरूरत है।
सेंट मेरी अस्पताल बंद होने का भी मुद्दा
स्थानीय लोगों ने मालरोड पर स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के साथ सेंट मेरी अस्पताल के बंद होने का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि शहर में स्वास्थ्य सेवाओं के विकल्प सीमित होने के कारण उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करना जरूरी है। लोगों ने पालिका प्रशासन से मांग की कि स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर केवल घोषणाओं तक सीमित न रहकर धरातल पर ठोस कदम उठाए जाएं।
हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार रू मीरा सकलानी
नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि गर्ग डिस्पेंसरी का दोबारा निर्माण कराए जाने को लेकर पालिका स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मामला वर्तमान में उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद नियमानुसार गर्ग डिस्पेंसरी के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि पालिका प्रशासन शहर में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और गर्ग डिस्पेंसरी को लेकर भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।