लोक निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर दयानंद ने किया निरीक्षण, लैंडस्लाइड एक्सपर्ट और केंद्रीय विशेषज्ञों की टीम करेगी सर्वे
मसूरी-देहरादून मार्ग पर पानी वाले बैंड और गलोगीधार क्षेत्र में लगातार हो रहे भूस्खलन और सड़क धंसने की घटनाओं को लेकर लोक निर्माण विभाग ने गंभीरता दिखाई है। शुक्रवार को उत्तराखंड लोक निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर दयानंद ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से सड़क की मौजूदा स्थिति और भूस्खलन के कारणों की जानकारी ली। पत्रकारों से बातचीत में चीफ इंजीनियर दयानंद ने बताया कि पानी वाले बैंड के ऊपरी क्षेत्र में किसी नदी अथवा झील के बनने की बात सामने आ रही है। इससे मिट्टी का कटाव (सॉयल इरोजन) होने की आशंका है। लगातार हो रहे मिट्टी के कटाव का असर पहाड़ और सड़क पर पड़ रहा है, जिसके चलते सड़क का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। हालांकि, वास्तविक कारण की पुष्टि विशेषज्ञों की जांच के बाद ही हो सकेगी।
उन्होंने बताया कि मौके पर स्थलीय निरीक्षण के दौरान सड़क किनारे बैक कटिंग की संभावनाएं भी देखी जा रही हैं। जहां संभव होगा, पहाड़ की कटिंग कर सड़क का पुनर्निर्माण कर यातायात को व्यवस्थित करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भूस्खलन और सड़क के सिंकिंग का सबसे बड़ा कारण पानी होता है। इसलिए अधिकारियों को सड़क किनारे बंद पड़े कलवर्ट और नालियों को तत्काल खुलवाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पानी की निकासी सुचारू हो सके और सड़क के नीचे पानी का दबाव न बने।
ईआरटी जांच से पहाड़ के भीतर पानी का चलेगा पता
पानी वाले बैंड में सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंसने के मामले में विभाग ने विशेषज्ञों की मदद लेने का निर्णय लिया है। चीफ इंजीनियर ने बताया कि उत्तराखंड लैंडस्लाइड मिटिगेशन के विशेषज्ञों के साथ केंद्रीय विशेषज्ञों को भी बुलाया गया है। टीम द्वारा मौके पर सर्वे किया जा रहा है और जल्द ही रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
इसके अलावा इलेक्ट्रिकल रेजिस्टिविटी टॉमोग्राफी (ईआरटी) के माध्यम से पहाड़ के भीतर पानी के किसी स्रोत, स्प्रिंग अथवा जलधारा के बनने की भी जांच की जाएगी। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि पहाड़ के अंदर कहीं पानी जमा तो नहीं हो रहा है। विशेषज्ञों की रिपोर्ट आने के बाद सड़क और पहाड़ के स्थायी ट्रीटमेंट के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
अतिक्रमण और अवैध निर्माण पर भी कार्रवाई की तैयारी
चीफ इंजीनियर ने यह भी कहा कि सड़क के आसपास अतिक्रमण और अवैध निर्माण की शिकायतों को भी गंभीरता से लिया जा रहा है। सड़क किनारे किए गए निर्माण को चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण पाए जाने पर संबंधित लोगों को नोटिस दिए जाते हैं और नियमानुसार कार्रवाई के तहत निर्माण हटाया जाता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल ऐसी कोई जानकारी सामने नहीं आई है कि पिछले छह माह में बना कोई नया निर्माण धंसने से सड़क की स्थिति खराब हुई हो। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आसपास के कुछ निर्माण करीब दो वर्ष पुराने हैं। इसके बावजूद पानी के बहाव और सड़क के आसपास की गतिविधियों का भी परीक्षण कराया जा रहा है, ताकि भूस्खलन के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
जल निकासी व्यवस्था पर विशेष जोर
चीफ इंजीनियर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क किनारे जहां भी नालियां और कलवर्ट बंद हैं, उन्हें तत्काल खोला जाए। उनका कहना था कि पानी की निकासी व्यवस्थित करना फिलहाल सबसे जरूरी है। विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर इसके बाद स्थायी उपचार और सड़क पुनर्निर्माण की दिशा में काम किया जाएगा।

