उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 भले ही अभी दूर हों, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने चुनावी तैयारियों को लेकर संगठनात्मक स्तर पर सक्रियता तेज कर दी है। इसी क्रम में भाजपा मसूरी मंडल की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की समीक्षा करते हुए बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। बैठक में सामने आए आंकड़ों ने राजनीतिक हलकों का ध्यान खींचा। जानकारी के अनुसार मसूरी विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान लगभग 14 हजार नाम सूची से हटाए गए हैं, जबकि करीब 2500 नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए हैं। इसे आगामी विधानसभा चुनाव की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
चुनावी गणित का आधार बनेगी शुद्ध मतदाता सूची
बैठक को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी सुरेंद्र राणा ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता सूची का शुद्ध और अद्यतन होना आवश्यक है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि प्रत्येक बूथ पर मतदाता सूची का गंभीरता से परीक्षण किया जाए ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम छूटने न पाए और अपात्र नामों को हटाया जा सके। बैठक में मृत मतदाताओं के नाम हटाने, दूसरे स्थान पर स्थायी रूप से निवास कर चुके लोगों के नाम स्थानांतरित कराने तथा नए पात्र मतदाताओं को सूची में जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।
युवाओं और महिलाओं पर विशेष फोकस
भाजपा नेताओं ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं तक पहुंच बनाई जाए और उनके मतदाता पहचान पत्र बनवाने में सहयोग किया जाए। साथ ही विवाह के बाद दूसरे स्थान पर चली गई महिलाओं के नाम स्थानांतरण तथा विवाह के बाद क्षेत्र में आई महिलाओं के नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने के लिए भी अभियान चलाने को कहा गया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 2027 के चुनाव में युवा मतदाता निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। ऐसे में नए मतदाताओं को जोड़ने की कवायद सभी राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण होगी।
बूथ स्तर पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश
बैठक में बूथ लेवल एजेंट 2, शक्ति केंद्र संयोजकों और बूथ अध्यक्षों को मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, त्रुटि या संदिग्ध नामों पर आपत्तियां दर्ज कराने के निर्देश दिए गए। पार्टी ने स्पष्ट किया कि बूथ स्तर पर सतत निगरानी रखकर सूची को त्रुटिरहित बनाने का प्रयास किया जाएगा।
‘घुसपैठियों’ के नामों पर भी चर्चा
बैठक में यह भी कहा गया कि मतदाता सूची में केवल वैध और पात्र मतदाताओं के नाम ही शामिल होने चाहिए। कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए कि यदि किसी भी स्तर पर संदिग्ध या नियमों के विपरीत नाम दिखाई दें तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत आपत्ति दर्ज कराई जाए।
2027 चुनाव की तैयारी का संकेत
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं बल्कि चुनावी रणनीति का भी महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। मसूरी विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटने और नए नाम जुड़ने के बाद सभी दलों की नजर अब बूथ प्रबंधन और नए मतदाताओं तक पहुंच बनाने पर रहेगी। बैठक में भाजपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं में पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी, मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल, गुडमोहन राणा, राकेश रावत, नरेंद्र मेलवान, जगजीत कुकरेजा, अरुण कुमार, कुणाल रावत, अमित भट्ट, गौरी थपलियाल ,रणवीर कंडारी सहित आठों शक्ति केंद्रों के संयोजक, प्रभारी, बूथ अध्यक्ष और बीएलए-2 उपस्थित रहे।

