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मसूरी जॉर्ज एवरेस्ट की 146 एकड़ जमीन को लेकर कांग्रेस का हल्लाबोल, गणेश गोदियाल बोले- सरकार बनते ही रद्द होंगी लीज

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हाथीपांव में भूमि बचाओ, धामी हटाओ कार्यक्रम के तहत कांग्रेस ने दिया धरना, भाजपा सरकार पर सरकारी जमीनें चहेतों को देने का लगाया आरोप

प्रदेश में सरकारी भूमि को लीज पर दिए जाने और कथित तौर पर निजी हितों के लिए इस्तेमाल किए जाने के विरोध में कांग्रेस ने बुधवार को मसूरी के हाथीपांव स्थित जॉर्ज एवरेस्ट के निकट धरना-प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में आयोजित श्भूमि बचाओ, धामी हटाओश् कार्यक्रम के तहत कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से पद छोड़ने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान जॉर्ज एवरेस्ट की 146 एकड़ भूमि को लेकर सरकार को विशेष रूप से घेरा गया।

धरने को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार प्रदेश की बेशकीमती सरकारी जमीनों को अपने चहेते लोगों को कौड़ियों के भाव लीज पर दे रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में करीब 80 हजार करोड़ रुपये की जमीन निजी लोगों को लीज पर दी गई है। मसूरी का जॉर्ज एवरेस्ट इसका सबसे बड़ा उदाहरण है, जहां 146 एकड़ महत्वपूर्ण भूमि को बाबा रामदेव के करीबी बताए जाने वाले बालकृष्ण के नाम पर सालाना एक करोड़ रुपये की लीज पर दिया गया है।
गोदियाल ने सवाल उठाया कि जिस भूमि के विकास पर सरकार पहले ही करीब 23 से 25 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है, उसे इतनी कम राशि में लीज पर देने का औचित्य क्या है? उन्होंने इसे बड़ा घोटाला बताते हुए कहा कि कांग्रेस इस मामले को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी और जनता के सामने सरकार की नीतियों की सच्चाई रखेगी। उन्होंने कहा कि जॉर्ज एवरेस्ट मसूरी की ऐतिहासिक और प्राकृतिक विरासत है। यह केवल पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों और युवाओं के रोजगार से भी जुड़ा हुआ है। आरोप लगाया कि भूमि को निजी हाथों में दिए जाने के बाद स्थानीय लोगों और युवाओं के यहां आने-जाने पर पाबंदियां लगाई जा रही हैं। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है और उनके रोजगार के अवसर भी प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस संपत्ति पर स्थानीय जनता का भी अधिकार और भावनात्मक जुड़ाव है, वहां स्थानीय लोगों को ही सुविधाओं से वंचित किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आज उत्तराखंड की जनता कांग्रेस की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रही है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता भाजपा सरकार को जवाब देगी और कांग्रेस की सरकार बनेगी। उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस की सरकार बनने पर पुष्कर सिंह धामी सरकार के कार्यकाल में जिन सरकारी जमीनों को लीज पर दिया गया है, उनकी समीक्षा कराई जाएगी। नियमों और जनहित के विपरीत किए गए सभी समझौतों को रद्द कर जमीनों को वापस सरकारी नियंत्रण में लिया जाएगा तथा स्थानीय लोगों के रोजगार और आजीविका को प्राथमिकता दी जाएगी। धरने के दौरान गणेश गोदियाल ने मसूरी विधायक एवं कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी पर भी निशाना साधा। उन्होंने मंत्री पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगाए और उन्हें श्अलीबाबाश् तक की संज्ञा दी। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने मंत्रियों को संरक्षण देने का काम कर रहे हैं। गोदियाल ने मंत्रियों के कथित काले धन को विदेशों में निवेश किए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पास इससे संबंधित सबूत हैं और समय आने पर इन्हें सार्वजनिक किया जाएगा। उन्होंने भाजपा के भीतर चल रहे विवादों का जिक्र करते हुए एक मंत्री और उनके पति के बीच लगाए जा रहे आरोपों पर भी सवाल उठाए। गोदियाल ने कहा कि करीब 22 वर्षों तक साथ रहने के बाद अब एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि संबंधित मंत्री के पति की ओर से 200 करोड़ रुपये से अधिक के कथित घोटाले के आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के अंदर क्या चल रहा है, यह अब प्रदेश की जनता से छिपा नहीं है। गणेश गोदियाल ने कहा कि उत्तराखंड की प्राकृतिक संपदा, सरकारी भूमि और संसाधनों की रक्षा कांग्रेस की प्राथमिकता है। प्रदेश की जमीनों का उपयोग प्रदेशवासियों के हित में होना चाहिए, न कि कुछ चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से इस मुद्दे को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया। इस मौके पार राजेन्द्र षाह, प्रदीप डोभाल, मनीष गोनियाल, प्रषांत खंडूरी, रितेष जोषी, अनुप सक्सेना, भरत बंगारी, डात्र सोनिया आंनद, निषांत वोहरा, सुषांत वोहरा, अनुज गुप्ता, जसबीर कौर, मेघ सिंह कंडारी, महेष चंद्र, जगपाल गुसाई, दष पवार, षारूख खान, नवीन षाह सहित कई लोग मौजूद थे।