पहाड़ों की रानी मसूरी में हरियाली तीज का उत्सव लोक संस्कृति, परंपरा और महिला सशक्तीकरण के रंग में नजर आया। गढ़वाल सभा महिला प्रकोष्ठ की ओर से लाइब्रेरी क्षेत्र स्थित एक होटल में आयोजित तीज उत्सव में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा और पूरे श्रृंगार के साथ कार्यक्रम में पहुंचकर लोकगीतों और नृत्य से माहौल को उत्सवमय बना दिया।कार्यक्रम के दौरान नृत्य, मेहंदी और विभिन्न मनोरंजक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। महिलाओं ने एकल और सामूहिक नृत्य की प्रस्तुतियां देकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण तीज क्वीन प्रतियोगिता रही, जिसमें उम्र के दो वर्ग बनाए गए।50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में देवेश्वरी पंवार और 50 वर्ष से कम आयु वर्ग में सुनीता ढौडियाल को तीज क्वीन चुना गया। विजेताओं के चयन के दौरान महिलाओं में खासा उत्साह नजर आया। कार्यक्रम में महिलाओं ने कहा कि हरियाली तीज केवल साज-श्रृंगार और मेहंदी का त्योहार नहीं है, बल्कि यह प्रकृति, प्रेम, पारिवारिक सुख-समृद्धि और लोक परंपराओं से जुड़ा पर्व है। सावन के महीने में मनाया जाने वाला यह पर्व महिलाओं को एक साथ आने, खुशियां बांटने और अपनी लोक संस्कृति को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का अवसर देता है। गढ़वाल सभा महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष सुधा झिल्डियाल ने सभी महिलाओं को तीज की शुभकामनाएं देते हुए उनके परिवारों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से महिलाओं को अपनी व्यस्त दिनचर्या से समय निकालकर एक-दूसरे से मिलने और अपनी संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिलता है। भरोसी रावत और नमीता कुमाई ने कहा कि गढ़वाल सभा की ओर से हर वर्ष तीज उत्सव आयोजित करने का उद्देश्य महिलाओं को घर की जिम्मेदारियों से कुछ समय निकालकर मनोरंजन और आपसी मेलजोल का अवसर देना है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम सामाजिक रिश्तों को मजबूत करने के साथ ही पहाड़ की लोक संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उत्सव में महिलाओं ने विभिन्न लोकगीतों पर नृत्य प्रस्तुत किया। कहीं पारंपरिक गीतों की गूंज सुनाई दी तो कहीं महिलाओं ने आधुनिक अंदाज में भी अपनी प्रतिभा दिखाई। मेहंदी प्रतियोगिता और मनोरंजक खेलों ने कार्यक्रम में और रंग भर दिया। इस दौरान महिलाओं के लिए स्वादिष्ट व्यंजनों की भी व्यवस्था की गई। कार्यक्रम में सुधा झिल्डियाल, शशि रावत, रजनी पंवार, नमिता कुमाई, अनीता थलवाल, रेखा, प्रोमिला बहुगुणा, तनु उनियाल, भरोसी रावत, सुधा कोठारी, बीना मल्ल, निमाकांत, नूतन, राजी रमोला, मनोरमा रावत, बीना गुनसोला, बीना रावत, सुनीता राणा, शीतल पंवार, सुनीता नेगी, नीलम, लक्ष्मी उनियाल, लीला कंडारी, रश्मि सिंह, सुषमा सैफी, उषा जोशी समेत बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।

