21 विभागों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों की गैरमौजूदगी पर नाराजगी, पीएफ की जांच और पढ़े-लिखे कर्मचारियों को लिपिक पद पर तैनात करने के निर्देश
मसूरी। सफाई कर्मचारियों की समस्याओं और उनके अधिकारों को लेकर राज्य सफाई कर्मचारी आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। मसूरी नगर पालिका के टाउन हॉल सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में आयोग के उपाध्यक्ष संतोष गौरव ने 21 विभागों की बैठक में अधिकांश अधिकारियों के अनुपस्थित रहने पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिशासी अधिकारी और नायब तहसीलदार को अनुपस्थित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। संतोष गौरव ने स्पष्ट किया कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर जिलाधिकारी से संबंधित अधिकारियों का वेतन रोकने की संस्तुति की जाएगी। बैठक में उपाध्यक्ष ने विभिन्न विभागों में कार्यरत सफाई कर्मचारियों और वाल्मीकि समाज के लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए संबंधित विभागों को गंभीरता से काम करना होगा।
संतोष गौरव ने मसूरी नगर पालिका में ठेका प्रथा के तहत सफाई कार्य करा रही कंपनी से जुड़े कर्मचारियों के भविष्य निधि (पीएफ) और अन्य देय सुविधाओं की जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के पीएफ और अन्य लाभों से संबंधित शिकायतों का परीक्षण किया जाना चाहिए, ताकि किसी भी कर्मचारी के अधिकारों का हनन न हो। उन्होंने नगर पालिका में कार्यरत पर्यावरण मित्रों की शैक्षिक योग्यता का भी अवलोकन करने को कहा। उनका कहना था कि जो कर्मचारी इंटरमीडिएट या उससे अधिक शिक्षित हैं, उनकी योग्यता के अनुरूप लिपिक पदों पर तैनाती की संभावनाओं पर विचार किया जाए। उन्होंने इस संबंध में अधिशासी अधिकारी को 15 दिन के भीतर कार्रवाई कर आयोग को रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा कि सफाई कर्मचारियों को मिलने वाले वेतन और सुविधाओं से जुड़े मामलों को शासन के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि नगर निकायों में वेतन निर्धारण और श्रम कानूनों के अनुपालन को लेकर स्थिति की समीक्षा जरूरी है। कर्मचारियों को उचित पारिश्रमिक और निर्धारित सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने वाल्मीकि बस्ती में संबंधित विभागों के माध्यम से शिविर आयोजित करने की आवश्यकता भी जताई, ताकि सफाई कर्मचारियों और उनके परिवारों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ उनका लाभ दिलाया जा सके। कर्मचारियों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को देखते हुए स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया।
संतोष गौरव ने कहा कि सफाई कर्मचारी शहर को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जब अधिकांश लोग सुबह अपने घरों में होते हैं, तब पर्यावरण मित्र सड़कों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई में जुटे रहते हैं। ऐसे कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं, सम्मान और उनके अधिकार मिलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मंशा के अनुरूप सफाई व्यवस्था के साथ-साथ सफाई कर्मचारियों के कल्याण पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। आयोग कर्मचारियों की समस्याओं को शासन तक पहुंचाकर उनके समाधान का प्रयास करेगा। इस मौके पर नायब तहसीलदार उपेंद्र राणा, एसएसआई सतेंद्र भाटी, अधिशासी अधिकारी रजनीश डोबरियाल, मुकेश कुमार, गुलशन कुमार, राजेन्द्र, कृष्ण गोदियाल सहित कई लोग मौजूद थे।

