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स्क्रूज के हृदय परिवर्तन की कहानी ने जीता दर्शकों का दिल, सेंट जॉर्ज कॉलेज में दिखी विद्यार्थियों की प्रतिभा

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मसूरी। शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में मानवीय संवेदनाओं, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों का विकास करना भी है। इसी संदेश को सेंट जॉर्ज कॉलेज के वार्षिकोत्सव में विद्यार्थियों ने अपनी शानदार रंगमंचीय प्रस्तुति के माध्यम से जीवंत कर दिया। चार्ल्स डिकेंस के प्रसिद्ध उपन्यास पर आधारित संगीतमय नाटिका श्अ क्रिसमस कैरलश् के मंचन ने दर्शकों को भावनाओं से जोड़ दिया। नाटक में दिखाया गया कि किस प्रकार एक स्वार्थी और कंजूस व्यक्ति के जीवन में प्रेम, करुणा और उदारता का प्रवेश होने पर उसका पूरा व्यक्तित्व बदल सकता है। विद्यालय परिसर में आयोजित वार्षिकोत्सव में भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के पूर्व वन महानिदेशक एवं विशेष सचिव डॉ. शरद सिंह नेगी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि के स्वागत और सम्मान के साथ हुई। विद्यालय प्रबंधन की ओर से उन्हें पौधा और स्मृति चिह्न भेंट किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विद्यार्थियों की ओर से प्रस्तुत संगीतमय नाटिका श्अ क्रिसमस कैरलश् रही। इसमें एबेनेजर स्क्रूज नाम के एक ऐसे बुजुर्ग व्यक्ति की कहानी दिखाई गई, जो धन के लालच में रिश्तों, खुशियों और मानवीय संवेदनाओं से दूर हो चुका है। तीन आत्माओं के माध्यम से उसे अपने अतीत, वर्तमान और भविष्य का एहसास कराया जाता है। इसके बाद उसके भीतर बदलाव आता है और वह प्रेम, दया, उदारता तथा दूसरों की मदद करने का महत्व समझता है। नाटक में एबेनेजर स्क्रूज की भूमिका शुभाशीष गुप्ता ने प्रभावशाली ढंग से निभाई। वहीं गरीब क्लर्क बॉब क्रैचिट के किरदार में शियोन सैमसन, टिनी टिम के रूप में सम्राट जायसवाल और जैकब मार्ले की भूमिका में औद्विक लोधा ने दर्शकों की सराहना प्राप्त की। तीन आत्माओं के किरदार में अतीत के रूप में अक्षरम टंडन, वर्तमान के रूप में वीर सैनी और भविष्य के रूप में युवराज यादव ने अपनी अभिनय प्रतिभा का परिचय दिया। विद्यार्थियों के शानदार अभिनय के साथ संगीत, गायन और नृत्य ने प्रस्तुति को यादगार बना दिया। मंच की सजावट, वेशभूषा और प्रकाश व्यवस्था ने भी नाटक को प्रभावशाली स्वरूप दिया। पूरी प्रस्तुति के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि जीवन में धन से अधिक महत्वपूर्ण रिश्ते, संवेदनाएं और दूसरों के प्रति सहयोग की भावना है।
मुख्य अतिथि डॉ. शरद सिंह नेगी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए कभी भी छोटे या आसान रास्तों का चुनाव नहीं करना चाहिए। कठिन परिश्रम ही सफलता की वास्तविक कुंजी है और यही व्यक्ति को जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि निरंतर मेहनत और समर्पण के बल पर ही उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने विद्यार्थियों से लक्ष्य निर्धारित कर पूरी लगन के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। वार्षिकोत्सव में विद्यालय के शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। वर्षभर शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराने वाले शिक्षकों मार्क गोंजाल्विस, भवनेश नेगी, मेहर वालिया, आनंद थापा, जसकरन सिंह, मनोज कुमार, सुशांत आले, रिचर्ड जोसफ, मीना ठाकुर, विक्रांत शर्मा, सिस्टर कैथरीन और सिस्टर थैरेसिटा को सम्मानित किया गया। वहीं आईसीएसई और आईएससी परीक्षाओं में अपने विषयों में विद्यार्थियों के शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने में योगदान देने वाले शिक्षकों गीतिका खन्ना, ऋषि बंगवाल, मधु काला, ममता गुप्ता, बीजू अलेक्जेंडर, जूलियाना डिसूजा, अरविंद पंवार और विंसेंट जोसफ को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के समापन पर प्रधानाचार्य ब्रदर जयसीलन ने नाटिका और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई दी।