देहरादून में मदिरा दुकानों का आवंटन रिकॉर्ड समय में पूरा: आबकारी आयुक्त ने दी बधाई

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देहरादून। उत्तराखंड आबकारी विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मदिरा दुकानों के व्यवस्थापन में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। पहली बार चार बड़े जिल ऊधम सिंह नगर,हरिद्वार,देहरादून और नैनीताल में सभी मदिरा दुकानों का शत प्रतिशत आवंटन हो चुका है। इसके अलावा तीन पहाड़ी जिलों चंपावत, टिहरी और चमोली में भी पूरी दुकानें व्यवस्थापित हो गई हैं। कुल सात जिलों में यह उपलब्धि हासिल हुई है, जबकि बाकी जिलों के लिए विभाग ने दोबारा विज्ञप्ति जारी की है।

आबकारी आयुक्त अनुराधा पाल ने बताया कि पिछले 10 वर्षों में इन चार प्रमुख जिलों में हर साल कुछ दुकानें खाली रह जाती थीं। कभी स्थानांतरण का विवाद, तो कभी अन्य प्रशासनिक समस्याएं कारण बनती थीं। इस बार विभाग ने पहले से ही गहन होमवर्क किया। सभी संभावित मुद्दों का समय पर समाधान निकाला गया, जिससे बोलियां पूरी तरह सफल रहीं। आयुक्त ने कहा कि सुव्यवस्थित प्रक्रिया और पूर्व तैयारी से यह संभव हुआ है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मदिरा दुकानों से प्राप्त होने वाला राजस्व लक्ष्य 2604 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। अगले वर्ष 2027-28 के लिए यह लक्ष्य 2693 करोड़ रुपये रखा गया है। मौजूदा वित्तीय वर्ष का कुल आबकारी राजस्व लक्ष्य 5400 करोड़ रुपये है, जिसमें दुकानों से 2604 करोड़ का हिस्सा प्रमुख है। आयुक्त अनुराधा पाल ने जोर दिया कि पहले संचालन में अनियमितताएं देखी जाती थीं, लेकिन अब नई व्यवस्था से राजस्व में स्थिर वृद्धि होगी। त्रिवर्षीय आबकारी नीति के तहत यह व्यवस्था लागू की गई है, जिससे लाइसेंसधारकों को बेहतर योजना बनाने का मौका मिल रहा है। यह सफलता विभाग की कुशल रणनीति का नतीजा है। जहां बड़े जिलों में पहले खाली रहने वाली दुकानें अब पूरी भर गईं, वहीं पहाड़ी जिलों में भी शत-प्रतिशत आवंटन से स्थानीय स्तर पर राजस्व संग्रह मजबूत होगा। विभाग ने स्पष्ट किया कि शेष जिलों में भी जल्द प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इससे राज्य सरकार को आर्थिक मजबूती मिलेगी और आबकारी राजस्व में अपेक्षित बढ़ोतरी सुनिश्चित होगी।