मसूरी एमपीजी कॉलेज में सेवार्थ विद्यार्थी एवं इतिहास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय कौशल विकास योजना के तहत मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन नगर पालिका अध्यक्ष डममतं ैंासंदप और राष्ट्रीय शोध संयोजक अर्जुन आनंद ने किया। कार्यशाला के लिए हाईस्कूल की अंकतालिका के आधार पर 31 छात्र-छात्राओं का चयन किया गया है। प्रशिक्षण पूर्ण होने पर प्रतिभागियों को उत्तराखंड सरकार की ओर से प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाएंगे। नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि सरकार लगातार कौशल विकास योजनाओं के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि मशरूम उत्पादन जैसे प्रशिक्षण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेंगे और इससे राज्य से पलायन भी कम होगा। वहीं राष्ट्रीय शोध संयोजक अर्जुन आनंद ने कहा कि वर्तमान समय में सभी युवाओं को सरकारी नौकरी मिल पाना संभव नहीं है, ऐसे में स्वरोजगार ही बेहतर विकल्प बन सकता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएंगी। कार्यक्रम संयोजक और सेवार्थ विद्यार्थी के प्रांत अध्यक्ष डॉ. दिनेश जैसाली ने बताया कि इस कार्यशाला की प्रेरणा उन्हें एक सर्वे से मिली। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 से पहले एमपीजी कॉलेज की 375 छात्राओं पर किए गए सर्वे में केवल 5 छात्राएं ही रोजगार से जुड़ी मिलीं, जबकि बाकी बेरोजगार थीं। इसी के बाद कॉलेज में स्वरोजगार आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया गया। कार्यशाला में चीफ मशरूम डेवलपमेंट ऑफिसर हिमानी कोठारी और अपर मशरूम विकास अधिकारी सोहिता जोशी ने छात्रों को मशरूम उत्पादन, पैकेजिंग और विपणन से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन अनिल सिंह अन्नू और श्वेता शर्मा ने किया। इस अवसर पर कॉलेज प्राचार्य डॉ. सुनील पंवार, डॉ. अमिताभ भट्ट, अदिति पांथरी, आयुष त्रिपाठी, प्रमेश जोशी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और शिक्षक उपस्थित रहे।

