मसूरी। पर्यटन सीजन के चरम पर पहाड़ों की रानी मसूरी की स्वच्छता व्यवस्था सवालों के घेरे में है। नगर पालिका परिषद की ओर से डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण का जिम्मा संभाल रही लॉर्ड शिवा कंपनी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। शहर के कई इलाकों में तीन-तीन और चार-चार दिन तक कूड़ा नहीं उठने से जगह-जगह गंदगी के ढेर लग गए हैं। बदबू और अव्यवस्था से स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि सोशल मीडिया पर लगातार कूड़े के ढेर और गंदगी के वीडियो वायरल हो रहे हैं। ऐसे में मसूरी नगर पालिका के स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन और स्वच्छ शहर के दावों पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जब से लॉर्ड शिवा कंपनी को डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने का ठेका मिला है, तब से कूड़ा प्रबंधन पूरी तरह चरमरा गया है।
स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यदि कंपनी तय शर्तों के अनुसार काम नहीं कर पा रही है तो उसका ठेका तत्काल निरस्त किया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि लगातार शिकायतों के बावजूद कंपनी पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से ऐसा प्रतीत होता है कि उसे संरक्षण दिया जा रहा है। लोगों ने पूरे ठेका आवंटन की प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए हैं और इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की है।
उधर, बढ़ती शिकायतों के बीच नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने बताया कि डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने में लगातार लापरवाही की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद लॉर्ड शिवा कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है।मीरा सकलानी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, ष्कंपनी को निर्देश दिए गए हैं कि शहर के प्रत्येक वार्ड से प्रतिदिन नियमित रूप से कूड़ा उठाया जाए। यदि चेतावनी के बावजूद कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ तो कंपनी का टेंडर निरस्त कर नई एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि नगर पालिका की पहली प्राथमिकता मसूरी को स्वच्छ, सुंदर और पर्यटकों के लिए आकर्षक बनाए रखना है। सफाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही या जनहित से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

