उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया अब पूरी हो गई है। दावे और आपत्तियों के निस्तारण की अंतिम तारीख 28 सितंबर थी। तय समयसीमा पूरी होने के बाद 28 सितंबर की रात 12 बजे मतदाता डाटा फ्रीज कर दिया गया। अब निर्वाचन विभाग अंतिम मतदाता सूची तैयार करने में जुटा है। 3 अक्टूबर को अंतिम निर्वाचक नामावली प्रकाशित की जाएगी। इसके साथ ही साफ हो जाएगा कि पुनरीक्षण के दौरान कितने नाम जुड़े, कितने नाम हटे और कितने मतदाताओं के विवरण में संशोधन हुआ।
उत्तराखंड में एसआईआर अभियान की शुरुआत 8 जून 2026 को हुई थी। इसके तहत मतदाताओं को गणना प्रपत्र उपलब्ध कराए गए और 7 जुलाई तक उन्हें भरकर जमा कराया गया। इसके आधार पर 14 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की गई। ड्राफ्ट सूची के प्रकाशन के साथ ही दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू हुई, जबकि इनकी सुनवाई और निस्तारण 28 सितंबर तक चला। पहले अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 सितंबर को प्रस्तावित था, लेकिन पांच जिलों में दावे-आपत्तियों की सुनवाई और निस्तारण में अपेक्षा से अधिक समय लगने के कारण कार्यक्रम आगे बढ़ाया गया। अब 3 अक्टूबर को अंतिम सूची जारी होगी। हरिद्वार जिला प्रशासन की एसआईआर संबंधी आधिकारिक जानकारी में भी अंतिम प्रकाशन की तारीख 3 अक्टूबर दर्ज है। एसआईआर के दौरान मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए करीब 1.25 लाख फॉर्म-6 आवेदन प्राप्त हुए। वहीं नाम, पता अथवा अन्य विवरण में संशोधन के लिए करीब 64 हजार फॉर्म-8 आवेदन आए, जिनमें लगभग 49 हजार स्वीकार किए जाने की जानकारी दी गई है। सबसे अधिक चर्चा फॉर्म-7 को लेकर रही। मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए करीब 1.73 लाख Form-7 आवेदन सामने आए। इनमें 95 हजार से अधिक मतदाताओं को ‘इनएलिजिबल’ श्रेणी में चिह्नित किया गया। निर्वाचन कार्यालय के अनुसार ऐसे मामलों में अपेक्षित दस्तावेज उपलब्ध न कराने या सुनवाई में स्वयं अथवा परिवार के सदस्य के माध्यम से उपस्थित न होने की स्थिति में ईआरओ/एआरओ द्वारा मतदाता को इनएलिजिबल चिह्नित किया गया और इसके बाद सिस्टम से फॉर्म-7 जनरेट हुआ। एसआईआर के इस पूरे घटनाक्रम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि 3 अक्टूबर को अंतिम सूची जारी होने के बाद भी पात्र व्यक्ति का मतदाता सूची में नाम शामिल कराने का रास्ता खुला रहेगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के मुताबिक, जिन पात्र लोगों का नाम अंतिम सूची में नहीं है, वे फॉर्म-6 के जरिए नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकते हैं। नाम हटाने के लिए फॉर्म -7 और किसी प्रकार की त्रुटि दूर करने के लिए फॉर्म -8 का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह प्रक्रिया आगामी चुनाव में प्रत्याशियों के नामांकन की अंतिम तारीख तक जारी रहने की जानकारी दी गई है। यानी 3 अक्टूबर केवल अंतिम मतदाता सूची जारी होने की तारीख नहीं, बल्कि पूरे एसआईआर अभियान के परिणाम सामने आने का दिन भी होगा। राजनीतिक दलों से लेकर आम मतदाताओं तक की नजर अब इस बात पर है कि अंतिम सूची में प्रदेश के कुल मतदाता आंकड़े में कितना बदलाव आता है। चुनावी दृष्टि से भी यह सूची महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि आने वाले चुनावों में मतदान करने वाले मतदाताओं का आधिकारिक आधार यही निर्वाचक नामावली बनेगी। निर्वाचन विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि अंतिम सूची के प्रकाशन के बाद भी पात्र मतदाताओं को नाम जुड़वाने और मतदाता सूची में जरूरी सुधार कराने का अवसर मिलता रहेगा। इसलिए जिन लोगों ने एसआईआर के दौरान आवेदन किया है या जिनका नाम अंतिम सूची में नहीं मिलता, उनके लिए 3 अक्टूबर के बाद अपने रिकॉर्ड की जांच करना महत्वपूर्ण होगा।

