सुगम चारधाम दर्शन: केदारनाथ और बदरीनाथ में टोकन सिस्टम लागू रखने पर पर्यटन सचिव की दो टूक

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देहरादून। आगामी चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं और इस बार भी केदारनाथ धाम व बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के लिए टोकन सिस्टम लागू रहेगा। पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि पिछले वर्ष की चुनौतियों के बावजूद इस व्यवस्था को समाप्त नहीं किया जाएगा, बल्कि इसमें सुधार कर श्रद्धालुओं को अधिक सुगम दर्शन की सुविधा देने का प्रयास किया जाएगा।

गौरतलब है कि बढ़ती श्रद्धालु संख्या को देखते हुए पिछले साल पहली बार दोनों धामों में टोकन सिस्टम लागू किया गया था। इस व्यवस्था के तहत यात्रा पंजीकरण के बाद धाम पहुंचने पर श्रद्धालुओं को एक निर्धारित समय के साथ टोकन नंबर दिया जाता है, ताकि उन्हें लंबी कतारों में खड़े होकर इंतजार न करना पड़े। हालांकि, शुरुआती चरण में यह व्यवस्था अपेक्षा के अनुरूप सफल नहीं रही और टोकन मिलने के बावजूद श्रद्धालुओं को लाइन में लगकर इंतजार करना पड़ा। इसी को लेकर चारधाम तीर्थपुरोहित महापंचायत ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। महापंचायत के महासचिव डॉ. बृजेश सती ने टोकन सिस्टम को अव्यवहारिक बताते हुए इसे समाप्त करने की मांग की है। उनका कहना है कि इस प्रणाली से श्रद्धालुओं को राहत मिलने के बजाय अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, पर्यटन विभाग का मानना है कि बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने और दर्शन व्यवस्था को व्यवस्थित बनाने के लिए टोकन सिस्टम जरूरी है। सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल के अनुसार, देश के प्रमुख मंदिरों में इस तरह की व्यवस्था पहले से लागू है और समय के साथ इसके सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष के अनुभवों के आधार पर इस बार टोकन सिस्टम में आवश्यक सुधार किए जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिल सके। प्रशासन का कहना है कि चारधाम यात्रा में हर साल रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, ऐसे में बिना किसी व्यवस्थित प्रणाली के भीड़ प्रबंधन मुश्किल हो जाता है। इसी कारण टोकन व्यवस्था को जारी रखते हुए इसे और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। अब देखने वाली बात होगी कि इस बार सुधारों के साथ लागू किया जा रहा टोकन सिस्टम श्रद्धालुओं के लिए कितना राहतभरा साबित होता है।