मसूरी में शनिवार को श्रद्धा, भक्ति और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला। कुलड़ी स्थित षिरडी साई बाबा मंदिर मसूरी के 31वें प्राण प्रतिष्ठा एवं स्थापना दिवस समारोह के तहत निकली भव्य शोभायात्रा और विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लेकर साईं बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे क्षेत्र में “साईं राम” के जयकारों, भजन-कीर्तन और धार्मिक उल्लास का माहौल बना रहा। दो दिवसीय स्थापना दिवस समारोह के प्रथम दिन सनातन धर्म मंदिर लंढौर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। बैंड-बाजों और ढोल-नगाड़ों के साथ निकली यात्रा लंढौर बाजार, घंटाघर, माल रोड और शहीद स्थल होते हुए पुनः साईं मंदिर पहुंची। यात्रा में शामिल श्रद्धालु पूरे रास्ते भजन-कीर्तन करते रहे और जगह-जगह प्रसाद वितरण किया गया। शोभायात्रा में साईं बाबा की सजी-धजी पालकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रही। बाबा के जीवन प्रसंगों को दर्शाती रंग-बिरंगी झांकियों के साथ भगवान शिव-पार्वती की भव्य प्रस्तुति ने लोगों का मन मोह लिया। बड़ी संख्या में महिलाएं भजन गाते हुए पालकी के साथ चल रही थीं। मंदिर के पुजारी ैनदपस छंनजपलंस श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन करते नजर आए। यात्रा मार्ग पर कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों ने भी साईं बाबा के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। स्थापना दिवस समारोह के दूसरे दिन साईं मंदिर के सामने विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर साईं बाबा का आशीर्वाद लिया। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। पूरे क्षेत्र में भक्ति और सेवा का माहौल बना रहा। भंडारे में श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई थीं। मंदिर समिति और स्वयंसेवकों द्वारा श्रद्धालुओं को व्यवस्थित रूप से प्रसाद वितरित किया गया। दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर मंदिर के इतिहास और उसकी धार्मिक मान्यता को लेकर भी विस्तार से जानकारी दी गई। मंदिर के पुजारी सुनील नौटियाल, सभासद अमित भटट और व्यापार मंडल के महामंत्री जगजीत कुकरेजा ने श्रद्धालुओं को मंदिर की स्थापना, साईं बाबा की शिक्षाओं और मंदिर की विशेष मान्यताओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साईं बाबा ने हमेशा मानवता, सेवा और समानता का संदेश दिया और यही कारण है कि आज देशभर से श्रद्धालु साईं बाबा के प्रति अटूट आस्था रखते हैं।

