मसूरी। पर्यटन नगरी मसूरी के प्रसिद्ध कैमल बैक रोड पर एक बार फिर अवैध डंपिंग और प्रशासनिक लापरवाही का मामला सामने आया है। कैमल्स बैक रोड पर बहुगुणा पार्क से करीब 100 मीटर आगे तथा राधा स्वामी सत्संग के नीचे गहरी खाई की ओर लगी सुरक्षा रेलिंग का एक हिस्सा देर रात अवैध रूप से मलबा खाई में डाल रहे एक लोडर वाहन द्वारा क्षतिग्रस्त कर दिया गया। घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों के अनुसार रेलिंग टूटने से सड़क का वह हिस्सा पूरी तरह खुला और बेहद खतरनाक हो गया है। यहां सुबह-शाम बड़ी संख्या में पर्यटक और स्थानीय नागरिक टहलने पहुंचते हैं। ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है और कोई व्यक्ति गहरी खाई में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो सकता है।घटना के बाद स्थानीय नागरिकों ने वन विभाग, मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण और मसूरी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। लोगों का कहना है कि मसूरी में खुलेआम पर्यावरण का दोहन किया जा रहा है, लेकिन संबंधित विभाग आंखें मूंदे बैठे हैं। आरोप लगाया गया कि कैमल्स बैक रोड और आसपास के क्षेत्रों में लगातार सड़क किनारे मलबा और कचरा फेंका जा रहा है, जिससे हरे-भरे पेड़-पौधे नष्ट हो रहे हैं और प्राकृतिक सौंदर्य प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने कहा कि मसूरी धीरे-धीरे कंक्रीट के दबाव और अवैध गतिविधियों के कारण अपनी पहचान खोती जा रही है। पहाड़ियों और संवेदनशील क्षेत्रों में नियमों की अनदेखी कर मलबा फेंका जा रहा है, जिससे भूस्खलन और पर्यावरणीय खतरे भी बढ़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित विभाग समय रहते कार्रवाई नहीं कर रहे, जिसके चलते अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि टूट चुकी रेलिंग को तत्काल ठीक कराया जाए और क्षेत्र को सुरक्षित बनाया जाए। साथ ही, दो वर्ष पूर्व लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर दोषी वाहन और संबंधित लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
स्थानीय पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि यदि समय रहते मसूरी के प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरण संरक्षण को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले वर्षों में मसूरी गंभीर पर्यावरणीय संकट का सामना कर सकती है। उन्होंने प्रशासन से अवैध डंपिंग, मलबा फेंकने और पहाड़ियों के दोहन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।

