मसूरी। दूधली-भादराज मार्ग पर देर रात बारिश और फिसलन के बीच एक दिल्ली नंबर की स्विफ्ट कार अनियंत्रित होकर सड़क से करीब 10 मीटर नीचे जा गिरी। गनीमत रही कि कार गहरी खाई में जाने के बजाय पेड़ पर अटक गई। हादसे में कार सवार दो युवक घायल हो गए। सुबह घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस और स्थानीय लोगों ने दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला। उन्हें 108 एंबुलेंस से उप जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया गया। पुलिस के अनुसार, सूचना मिली थी कि भादराज जाने वाली सड़क पर एक वाहन सड़क से नीचे गिर गया है और उसमें कुछ लोग सवार हैं। सूचना मिलते ही कोतवाली मसूरी से चौकी प्रभारी हैप्पी वैली हैप्पी वैली पुलिस टीम और आपदा उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची। वहां सफेद रंग की स्विफ्ट कार संख्या डीएल-8सीबीपी-1934 सड़क से करीब 10 मीटर नीचे मिली। स्थानीय लोगों की मदद से कार में फंसे दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। वाहन स्वामी नितिन गोयल पुत्र पीसी गोयल, मूल निवासी करोल बाग दिल्ली और हाल निवासी कृषाली चौक देहरादून ने पुलिस को बताया कि वह अपने साथी अरविंद कुमार पुत्र सूरज चंद, निवासी गढ़मुक्तेश्वर, हापुड़ के साथ देहरादून से मसूरी घूमने आए थे। रात में रास्ता भटकने के कारण दोनों भादराज मंदिर जाने वाली सड़क पर पहुंच गए। क्लाउड एंड से आगे रास्ता भटकने का पता चलने पर दोनों वापस लौट रहे थे। इसी दौरान तीखी चढ़ाई पर वाहन के ब्रेक सही तरीके से नहीं लगने के कारण कार पीछे की ओर खिसक गई और सड़क से नीचे जा गिरी। कार सड़क से करीब 10 मीटर नीचे जाने के बाद पेड़ पर अटक गई। यदि कार पेड़ पर नहीं रुकती तो वह और नीचे गहरी खाई में जा सकती थी। ऐसे में पेड़ ने दोनों युवकों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। हादसे में दोनों को मामूली चोटें आईं और वे सुरक्षित बताए गए। घटना के बाद कार को बाहर निकालने के लिए क्रेन को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
ग्रामीणों के अनुसार दूधली मार्ग कई स्थानों पर बेहद ढालदार और संकरा है। बारिश के दौरान सड़क पर फिसलन बढ़ने से यहां वाहन चालकों के लिए खतरा और बढ़ जाता है। कई संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा रेलिंग भी नहीं है। ग्रामीणों ने दुर्घटना संभावित स्थानों पर मजबूत सुरक्षा रेलिंग लगाने, सड़क की स्थिति सुधारने और बरसात के दौरान सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की मांग की है। फिलहाल हादसे में दोनों युवकों के सुरक्षित बच जाने से बड़ी अनहोनी टल गई, लेकिन घटना ने बारिश के दौरान दूधली-भादराज मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया है।

