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देवप्रयाग में गंदगी देख भड़के मुख्यमंत्री धामी, सुलभ शौचालय की व्यवस्था तत्काल सुधारने के निर्देश

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देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड को स्वच्छ, सुंदर और सर्वसुविधायुक्त बनाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार धरातल पर कड़े फैसले ले रहे हैं। गैरसैंण सत्र के बाद देहरादून लौटते समय मुख्यमंत्री ने देवप्रयाग के निकट राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित एक सुलभ शौचालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान वहां स्वच्छता और रख-रखाव की स्थिति संतोषजनक न मिलने पर मुख्यमंत्री ने गहरी नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिशासी अधिकारी (ईओ) को तत्काल सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के कड़े निर्देश जारी किए।

उत्तराखंड में स्वच्छता व्यवस्था और सार्वजनिक सुविधाओं की हकीकत परखने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देवप्रयाग के निकट सड़क किनारे स्थित सुलभ शौचालय का निरीक्षण किया। शौचालय में साफ-सफाई और रखरखाव की स्थिति संतोषजनक नहीं मिलने पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को तत्काल व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखना संबंधित विभागों और अधिकारियों की जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री गैरसैंण में विधानसभा सत्र के बाद देहरादून लौट रहे थे। इसी दौरान उन्होंने देवप्रयाग के पास सार्वजनिक शौचालय की व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान स्वच्छता की स्थिति अपेक्षा के अनुरूप नहीं पाई गई। इस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिशासी अधिकारी (ईओ) को तत्काल सफाई व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि सार्वजनिक सुविधाओं का नियमित रखरखाव हो और उनका उपयोग करने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी न उठानी पड़े। देवप्रयाग धार्मिक, आध्यात्मिक और पर्यटन की दृष्टि से उत्तराखंड का महत्वपूर्ण स्थल है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु, पर्यटक और स्थानीय लोग आवागमन करते हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरने वाले यात्रियों के लिए सड़क किनारे बने सार्वजनिक शौचालय जरूरी सुविधाओं में शामिल हैं। ऐसे में इन स्थानों पर गंदगी या रखरखाव की कमी यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर सार्वजनिक सुविधाएं स्वच्छ, सुव्यवस्थित और उपयोग के अनुकूल होनी चाहिए। विशेष रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे स्थित शौचालयों में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था जरूरी है, ताकि यात्रियों को असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुविधाओं की स्थिति पर नियमित निगरानी रखी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध करा देना ही पर्याप्त नहीं है। उनका नियमित संचालन, साफ-सफाई और समय-समय पर रखरखाव भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सार्वजनिक शौचालयों सहित आमजन के उपयोग वाले सभी स्थलों पर स्वच्छता व्यवस्था की नियमित जांच की जाए और कमियां मिलने पर तुरंत सुधार कराया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्वच्छता से जुड़े कार्यों में अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। व्यवस्था बनाए रखने के लिए केवल निर्देश जारी करना पर्याप्त नहीं, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी भी आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार प्रदेश में स्वच्छता व्यवस्था बेहतर बनाने और आमजन तथा पर्यटकों को सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। जनहित से जुड़े कार्यों में जिम्मेदारी के साथ काम करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। देवप्रयाग में मुख्यमंत्री का यह निरीक्षण सार्वजनिक सुविधाओं के रखरखाव को लेकर प्रशासनिक जवाबदेही का संदेश देता है। हालांकि, निरीक्षण के बाद सफाई व्यवस्था में सुधार की स्थिति और आगे की निगरानी के लिए उठाए गए कदमों का विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित अधिकारी निर्देशों पर कितनी तत्परता से अमल करते हैं और शौचालय की व्यवस्था को नियमित रूप से स्वच्छ बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।