आमतौर पर अवकाश के दिन सरकारी और निजी सेवाएं धीमी पड़ जाती हैं, लेकिन मसूरी इंडेन गैस सेवा ने जिम्मेदारी और जनसेवा का उदाहरण पेश करते हुए रविवार को भी टिहरी जनपद के मरोड़ पुल गांव में विशेष ज्ञल्ब् शिविर का आयोजन किया। इस पहल से दूर-दराज के ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली और गैस कनेक्शन से जुड़ी प्रक्रियाएं उनके गांव में ही पूरी हो सकीं। शिविर में मथियाना, हटवाल गांव, मरोड़ा, सकलाना, सतयुग, मजगांव, उनियाल गांव और लमकांडी सहित कई क्षेत्रों के ग्रामीण पहुंचे। इस दौरान करीब 200 उपभोक्ताओं की ई-ज्ञल्ब् और मोबाइल नंबर अपडेट किए गए। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे उन्हें शहर जाने की जरूरत नहीं पड़ी।शिविर का नेतृत्व कर रहे प्रबंधक प्रदीप सती ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों को गैस कनेक्शन से जुड़े महत्वपूर्ण नियमों और सुरक्षा मानकों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से बताया कि जिन परिवारों के मुखिया का निधन हो चुका है, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत गैस कनेक्शन को अपने नाम या अन्य पारिवारिक सदस्य के नाम स्थानांतरित कर सकते हैं, बशर्ते संबंधित व्यक्ति के नाम पहले से कोई कनेक्शन न हो। प्रबंधक सती ने कहा कि भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार उपभोक्ताओं की ज्ञल्ब् और मोबाइल नंबर अपडेट कराना बेहद जरूरी है, ताकि सब्सिडी, सुरक्षा और अन्य सुविधाएं निर्बाध रूप से मिलती रहें। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे समय-समय पर अपनी जानकारी अपडेट करते रहें और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर गैस एजेंसी से संपर्क करें। इस मौके पर गोदाम इंचार्ज नरेंद्र गोसाई, गोदाम सहायक राकेश कुमार, कंप्यूटर ऑपरेटर सचिन नेगी, गणेश नौटियाल, डिलीवरी मैन अंकित चौहान और गोपाल ठाकुर सहित पूरी टीम मौजूद रही, जिन्होंने शिविर को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। लोगों का कहना है कि दूरस्थ क्षेत्रों में इस तरह के शिविरों से न केवल लोगों का समय और पैसा बचता है, बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ भी अंतिम छोर तक पहुंचता है। मसूरी इंडेन गैस सेवा की यह पहल जनसेवा और जिम्मेदारी का एक सराहनीय उदाहरण बनकर सामने आई है।

