गंगोलीहाट। नगर पालिका गंगोलीहाट के कुंजनपुर वार्ड में इष्टदेव श्री श्री 1008 हंसाई सिद्ध बाबा जी के मंदिर प्रांगण में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर आज भक्ति और ज्ञान की त्रिवेणी बही। आयोजन का शुभारंभ गणेश वंदना, भगवान विष्णु, माँ भगवती, भोलेनाथ और हनुमान जी के भजनों के साथ अत्यंत उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। वृंदावन धाम से शिक्षा प्राप्त कर प्रथम बार अपने पैतृक गांव में व्यास गद्दी पर विराजमान हुए युवा व्यास पारस उप्रेती ने अपनी ओजस्वी वाणी से भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। आज के प्रसंगों में मुख्य रूप से अजामिल उद्धार एवं नाम महिमा: कैसे केवल नाम लेने मात्र से उद्धार संभव है। भक्त प्रहलाद चरित्र एवं गजेंद्र मोक्ष: अटूट विश्वास और समर्पण की गाथा। समुद्र मंथन एवं वामन अवतार: राजा बलि के त्याग और प्रभु की लीला का वर्णन। नंदोत्सव (कृष्ण जन्म): भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव के प्रसंग पर पूरा पंडाल "नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की" के जयकारों से गूंज उठा।
पारिवारिक संकल्प और प्रेरणा
इस भव्य कथा का आयोजन भगवती प्रसाद उप्रेती एवं उनके बंधुगणों (पुत्र स्व. कैलाश चंद्र उप्रेती, प्रपौत्र स्व. गंगादत्त उप्रेती) द्वारा किया जा रहा है। विशेष बात यह है कि श्री पारस उप्रेती अपनी दादी गोविंदी उप्रेती की प्रेरणा से इस दिव्य ज्ञान को जन-जन तक पहुँचा रहे हैं। कथा में यजमान परिवार के साथ-साथ चाचा ब्रजमोहन उप्रेती, चंद्रशेखर उप्रेती, किशन चंद्र उप्रेती और ग्राम के वरिष्ठ प्रबुद्धजनों जैसे आनंद बल्लभ उप्रेती, धर्मानंद उप्रेती एवं केशव दत्त उप्रेती, गिरीश उप्रेती ने सक्रिय भूमिका निभाई। दूर-दराज से आए अतिथियों, दामादों और स्थानीय ग्रामीणों की उपस्थिति ने इस धार्मिक अनुष्ठान को एक उत्सव का रूप दे दिया है। शाम को महाआरती, सामूहिक प्रसाद वितरण और भंडारे के साथ चौथे दिन की कथा संपन्न हुई।

