पहाड़ों की रानी मसूरी में अब तंबाकू उत्पादों की बिक्री बिना लाइसेंस नहीं हो सकेगी। नगर पालिका परिषद मसूरी ने तंबाकू उत्पादों की बिक्री को नियंत्रित करने के लिए नगर पालिका परिषद मसूरी (तम्बाकू उत्पादों की बिक्री हेतु लाइसेंस शुल्क का निर्धारण, विनियमन और नियंत्रण एवं अनुज्ञप्ति शुल्क) उपविधि, 2026 का प्रारूप पालिकाध्यख मीरा सक्लानी की अध्यक्षता में तैयार किया है। उपविधि लागू होने से पहले इसे दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशित कर आम जनता से आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे। इसके बाद गजट अधिसूचना जारी होने पर नियम प्रभावी हो जाएंगे। नई व्यवस्था के तहत तंबाकू विक्रेताओं के लिए नगर पालिका से वार्षिक लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। लाइसेंस प्रत्येक वर्ष नवीनीकृत कराना होगा। बिना लाइसेंस तंबाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित रहेगी। उपविधि के अनुसार लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाला व्यक्ति भारतीय नागरिक होना चाहिए तथा उसकी आयु कम से कम 18 वर्ष होनी आवश्यक है। आवेदनकर्ता के नाम का आधार कार्ड अनिवार्य होगा। यदि आधार कार्ड मसूरी क्षेत्र का नहीं है तो पुलिस सत्यापन कराना होगा।
स्कूल, कॉलेज और मंदिरों के पास नहीं खुलेंगी दुकानें
नगर पालिका ने सार्वजनिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट किया है कि किसी भी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, कोचिंग संस्थान अथवा प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों से 100 गज की परिधि के भीतर तंबाकू की दुकान संचालित नहीं की जा सकेगी। स्थायी दुकानों को प्राथमिकता दी जाएगी, जबकि स्ट्रीट वेंडिंग नीति के तहत चिन्हित अस्थायी दुकानों को भी निर्धारित शर्तों के आधार पर लाइसेंस मिल सकेगा।
कोटपा कानून का सख्ती से पालन
नई उपविधि में तंबाकू नियंत्रण कानून 2003 के सभी प्रावधानों का पालन अनिवार्य किया गया है। दुकानों पर नाबालिगों को तंबाकू उत्पाद न बेचने संबंधी चेतावनी बोर्ड लगाना होगा। सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान को बढ़ावा देने वाली कोई सुविधा नहीं दी जाएगी, इसलिए दुकानों पर माचिस और लाइटर उपलब्ध नहीं कराए जाएंगे। तंबाकू उत्पादों के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष विज्ञापन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। केवल वैधानिक चेतावनी वाले और भारत सरकार के नियमों के अनुरूप उत्पाद ही बेचे जा सकेंगे।
खुली सिगरेट और ई-सिगरेट पर भी सख्ती
प्रस्तावित नियमों में खुली सिगरेट बेचने पर रोक लगाने का भी प्रावधान किया गया है। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट प्रतिबंध अधिनियम-2019 का पालन करना सभी लाइसेंसधारकों के लिए अनिवार्य होगा।
एक व्यक्ति को मिलेगा सिर्फ एक लाइसेंस
उपविधि के अनुसार एक व्यक्ति को केवल एक ही लाइसेंस दिया जाएगा और वह केवल एक दुकान के लिए मान्य होगा। यह लाइसेंस किसी अन्य व्यक्ति को हस्तांतरित नहीं किया जा सकेगा। लाइसेंस को दुकान पर प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करना भी अनिवार्य होगा।
नियम तोड़े तो पहले चेतावनी, फिर जुर्माना और लाइसेंस निरस्त
यदि कोई दुकानदार नियमों का उल्लंघन करता है तो पहले चेतावनी दी जाएगी। इसके बाद जुर्माना लगाया जाएगा। बार-बार उल्लंघन होने पर लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है और निरस्तीकरण के बाद दोबारा लाइसेंस देने पर विचार नहीं किया जाएगा।
बिना लाइसेंस बिक्री करने वालों पर भी होगी कार्रवाई
प्रस्तावित उपविधि के अनुसार लाइसेंस प्राप्त दुकानदारों के अलावा किसी भी कमर्शियल मॉल, थोक बाजार, जनरल मर्चेंट, किराना दुकान या अन्य प्रतिष्ठान को तंबाकू उत्पाद बेचने की अनुमति नहीं होगी। पहली और दूसरी बार उल्लंघन पर जुर्माने के साथ सामग्री जब्त की जाएगी, जबकि तीसरी बार उल्लंघन पर सामग्री जब्त करने के साथ प्राथमिकी दर्ज कराने का भी प्रावधान रखा गया है।
जोनल अधिकारी करेंगे लाइसेंस जारी
नगर पालिका परिषद ने लाइसेंस जारी करने की जिम्मेदारी जोनल अधिकारियों को देने का प्रस्ताव रखा है। आवेदन पत्र नगर पालिका कार्यालय में जमा किए जाएंगे। जांच पूरी होने के बाद पात्र पाए जाने पर लाइसेंस जारी होगा। अधूरे आवेदन स्वतः निरस्त माने जाएंगे और पंजीकरण संबंधी नगर पालिका का निर्णय अंतिम होगा। इस मौके पर अवदेष कुमार एक्सेक्यूटिव डायरेक्टर बालाजी सेवा संस्थान, रेखा उनियाल, अजीत कुमार, ममता थापा सहित पालिका के सभासद ओर कर्मचारी मौजूद थे।

