धनोल्टी मार्ग के होमस्टे में मिला नवविवाहिता का शव, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार; परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की
पहाड़ों की रानी मसूरी में सुकून और यादगार पल बिताने आए एक नवविवाहित दंपती की यात्रा दर्दनाक हादसे में बदल गई। गुरुग्राम की एक आईटी कंपनी में कार्यरत 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर महिला की मसूरी-धनोल्टी मार्ग स्थित एक होमस्टे में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद पर्यटन नगरी में सनसनी फैल गई है, जबकि मृतका के परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
मसूरी सीओ जगदीष पंत ने बताया कि मृतका की पहचान पी. राधा गायत्री निवासी पूर्वी दिल्ली (मूल निवासी विशाखापट्टनम) के रूप में हुई है। वह अपने पति सौम्या श्रीचरण के साथ मसूरी घूमने आई थीं। दोनों की शादी 8 नवंबर 2025 को हुई थी और शादी के बाद यह उनकी उत्तराखंड यात्रा थी। उन्होने बताया कि दंपती 13 जून को दिल्ली से ऋषिकेश पहुंचे थे और 14 जून की रात करीब साढ़े 11 बजे मसूरी-धनोल्टी मार्ग स्थित कियाना होमस्टे के ब्लिस नामक कमरे में रुके थे। पति ने पुलिस को बताया कि दोनों ने रात में शराब का सेवन किया और करीब साढ़े तीन बजे सोने चले गए। सुबह जब वह जागा तो उसकी पत्नी कमरे में अचेत अवस्था में पड़ी थी। उसकी नाक से खून बह रहा था और शरीर में कोई हलचल नहीं थी। इसके बाद तत्काल पुलिस और 108 एंबुलेंस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची मसूरी पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने कमरे का बारीकी से निरीक्षण किया। जांच के दौरान महिला का शव फर्श पर मिला, जबकि बिस्तर की चादर पर खून के निशान पाए गए। कमरे से दो खाली शराब की बोतलें और खाद्य सामग्री भी बरामद की गई। फील्ड यूनिट ने घटनास्थल की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी करते हुए आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू से जांच शुरू कर दी है।
सीओ मसूरी जगदीश पंत ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को सुरक्षित कर लिया गया है तथा मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम कराया गया है। उन्होंने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा फॉरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद ही मृत्यु के कारणों को लेकर स्पष्ट स्थिति सामने आ सकेगी। फिलहाल किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
घटना की सूचना मिलने के बाद मृतका के माता-पिता और अन्य परिजन विशाखापट्टनम से देहरादून पहुंचे। परिजनों ने बेटी की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि आखिर ऐसी क्या परिस्थितियां बनीं कि उनकी बेटी की अचानक मौत हो गई।
परिजनों ने पुलिस प्रशासन से अनुरोध किया है कि मामले की गहन जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए और यदि किसी प्रकार की लापरवाही या आपराधिक पहलू सामने आता है तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए देहरादून भेजा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डॉक्टरों के पैनल द्वारा वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम कराया गया है। अब सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे मौत के कारणों पर से पर्दा उठ सकेगा। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।

