श्रीनगर वर्कशॉप को मिली नई ताकत, चारधाम रूट पर चलने वाली रोडवेज बसों की होगी 24/7 मरम्मत

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देहरादून। उत्तराखंड परिवहन निगम ने इस बार चारधाम यात्रा को और अधिक सुविधाजनक बनाने की तैयारी तेज कर दी है। निगम पहली बार चारधाम यात्रा के लिए टैंपो ट्रेवलर की बुकिंग सुविधा शुरू करने जा रहा है, साथ ही हरिद्वार से भी बसों का संचालन किया जाएगा। यात्रियों को अधिक विकल्प देने के लिए 100 बसों का विशेष बेड़ा रिजर्व में रखा जाएगा। परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक रीना जोशी ने बताया कि चारधाम यात्रा के दृष्टिगत निगम ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। अभी तक रोडवेज के टैंपो ट्रेवलर केवल देहरादून-मसूरी और नैनीताल-हल्द्वानी रूट पर संचालित होते थे, लेकिन इस बार चारधाम यात्रा के लिए छह टैंपो ट्रेवलर की बुकिंग की सुविधा शुरू की जाएगी। इससे छोटे समूहों और परिवारों को आरामदायक यात्रा करने में आसानी होगी। निगम ऋषिकेश के अलावा अब हरिद्वार से भी चारधाम के लिए बसें चलाने की तैयारी कर रहा है। इससे हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं को सीधे चारधाम यात्रा शुरू करने में सुविधा मिलेगी। यात्रा के दौरान बसों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए कुल 100 बसों का बेड़ा रिजर्व में रखा जाएगा। साथ ही रूट पर बसों के ट्रिप भी बढ़ाए जाएंगे।

यात्रा के दौरान किसी भी बस में तकनीकी खराबी आने पर तुरंत मरम्मत सुनिश्चित करने के लिए श्रीनगर और ऋषिकेश वर्कशॉप को और बेहतर बनाया जा रहा है। इन वर्कशॉप में अतिरिक्त सुविधाएं और स्टाफ बढ़ाया जाएगा, ताकि बसें जल्द से जल्द सड़क पर लौट सकें। परिवहन निगम ने चारधाम यात्रा को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त कर दिया है। जीएम संचालन क्रांति सिंह ने बताया कि यात्रियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। टैंपो ट्रेवलर की बुकिंग से छोटे-छोटे यात्री समूहों को भी आरक्षित यात्रा का लाभ मिल सकेगा। इस बार की तैयारियों से चारधाम यात्रा पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। पहले की तुलना में बसों की उपलब्धता बढ़ने और नई सुविधाओं के कारण यात्रा अधिक सुगम और आरामदायक हो सकेगी। परिवहन निगम के अधिकारियों ने कहा कि चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी। यात्रियों से अपील की गई है कि वे अपनी यात्रा की बुकिंग पहले से कर लें, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। यह नई पहल चारधाम यात्रा को और अधिक व्यवस्थित और यात्रियों के अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।