मसूरी। पहाड़ों की ठंडी सुबह, हरियाली से घिरी सड़कें और उनके बीच साइकिल पर सवार केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया। सोमवार को मसूरी का यह नजारा हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचता नजर आया। लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए) में प्रशिक्षण ले रहे 2024 बैच के आईएएस प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ केंद्रीय मंत्री ने साइकिल रैली निकालकर न केवल फिट इंडिया मूवमेंट को नई ऊर्जा दी, बल्कि देश के भावी प्रशासकों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश भी दिया। अकादमी परिसर से शुरू हुई साइकिल यात्रा अकादमी रोड, आलोक मार्ग और कंपनी गार्डन होते हुए वापस अकादमी रोड पहुंची। पूरे मार्ग में स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने साइकिल चला रहे केंद्रीय मंत्री और प्रशिक्षु अधिकारियों का अभिवादन किया। कई लोगों ने इस अनूठी पहल की तस्वीरें और वीडियो भी अपने मोबाइल में कैद किए।
डॉ. मनसुख मंडाविया पूरे रास्ते प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ साइकिल चलाते रहे। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश का नेतृत्व करने वाले अधिकारियों का शारीरिक और मानसिक रूप से फिट होना उतना ही जरूरी है, जितना प्रशासनिक रूप से सक्षम होना। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर ही सकारात्मक सोच, बेहतर निर्णय क्षमता और प्रभावी नेतृत्व की सबसे मजबूत नींव है। उन्होंने कहा, आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपने स्वास्थ्य के लिए समय नहीं निकाल पा रहे हैं। यदि हर व्यक्ति प्रतिदिन कुछ समय साइकिलिंग, पैदल चलने, दौड़ने, योग या किसी खेल को दे, तो जीवनशैली से जुड़ी अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है। फिट व्यक्ति ही परिवार, समाज और देश के विकास में बेहतर योगदान दे सकता है।ष्
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एलबीएसएनएए में प्रशिक्षण ले रहे अधिकारी आने वाले वर्षों में देश के विभिन्न राज्यों और जिलों में प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालेंगे। ऐसे में उनकी कार्यक्षमता, सहनशक्ति और मानसिक संतुलन बनाए रखने में नियमित व्यायाम और फिटनेस की अहम भूमिका होगी। उन्होंने प्रशिक्षुओं से आह्वान किया कि वे फिटनेस को केवल व्यक्तिगत आदत न मानें, बल्कि जहां भी नियुक्त हों वहां जनभागीदारी के साथ इसे एक जनआंदोलन का रूप दें। उन्होंने युवाओं से विशेष अपील करते हुए कहा कि मोबाइल स्क्रीन और डिजिटल उपकरणों पर बढ़ती निर्भरता के बीच शारीरिक गतिविधियां कम होती जा रही हैं। यह भविष्य के लिए चिंता का विषय है। इसलिए युवाओं को प्रतिदिन कम से कम एक घंटा खेल, योग, दौड़ या साइकिलिंग जैसी गतिविधियों के लिए जरूर निकालना चाहिए।
साइकिल रैली के दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी प्रमुखता से दिया गया। डॉ. मंडाविया ने कहा कि छोटी दूरी के लिए साइकिल का अधिक से अधिक उपयोग करने से ईंधन की बचत होगी, प्रदूषण कम होगा और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि फिट इंडिया और ग्रीन इंडिया, दोनों लक्ष्य एक-दूसरे के पूरक हैं।
मसूरी की खूबसूरत वादियों और प्राकृतिक वातावरण के बीच निकली यह साइकिल यात्रा लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही। स्थानीय नागरिकों ने इसे स्वास्थ्य, पर्यावरण और जनजागरूकता को जोड़ने वाली सराहनीय पहल बताया। वहीं आईएएस प्रशिक्षु अधिकारियों ने भी नियमित फिटनेस गतिविधियों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने और भविष्य में अपने कार्यक्षेत्र में भी फिट इंडिया अभियान को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।

