मसूरी दूधली ग्राम सभा में बड़ा फैसला, वनाधिकार कानून के तहत सीमांकन, टोल बैरियर स्थापितक,बाहरी कब्जों पर सख्ती का ऐलान

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मसूरी क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सभा वार्ड-13 दूधली (भद्राज-अदराज) में शुक्रवार को एक अहम बैठक आयोजित हुई, जिसमें ग्राम सभा, वार्ड सभा, वन प्रबंधन समिति 2006 और वन अधिकार समिति के पदाधिकारियों व ग्रामीणों ने भाग लिया। बैठक में गांव के सामुदायिक वन संसाधनों की सुरक्षा, सीमांकन और बाहरी हस्तक्षेप को रोकने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए। बैठक के दौरान अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम 2006 और संशोधित नियम 2012 के तहत दूधली के सामुदायिक वन क्षेत्र की पारंपरिक सीमाओं पर जगह-जगह बॉर्डर चिन्ह (गांठ) लगाए गए। इससे क्षेत्र की स्पष्ट पहचान और संरक्षण सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया। इसके साथ ही दूधली चौक पर स्वर्गीय बीरबल सिंह चौहान के आवास के सामने एक टोल बैरियर भी स्थापित किया गया है। ग्राम सभा का कहना है कि इस बैरियर के माध्यम से क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के वाहनों का रिकॉर्ड रखा जाएगा, जिससे सुरक्षा और संसाधन प्रबंधन में मदद मिलेगी। बैठक में पारित प्रस्तावों के तहत स्पष्ट किया गया कि ग्राम सभा की पारंपरिक सीमा के भीतर किसी भी बाहरी व्यक्ति को अवैध कब्जा नहीं करने दिया जाएगा। यदि कोई ऐसा प्रयास करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए वनाधिकार कानून और संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। ग्राम सभा ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोगों द्वारा उनके सीमांकन कार्य में बाधा डालने और पुलिस में झूठी शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की गई। ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई का निर्णय लिया गया है। साथ ही महिलाओं को धमकाने और माहौल बिगाड़ने के मामलों को भी गंभीरता से लेते हुए कोतवाली मसूरी में शिकायत दर्ज कराने की बात कही गई। टोल बैरियर पर दोपहिया और चारपहिया वाहनों से निर्धारित शुल्क वसूला जाएगा, जिसकी देखरेख वन प्रबंधन समिति करेगी। इस राशि का उपयोग वन संरक्षण, पेयजल स्रोतों की सुरक्षा, क्षेत्र के विकास कार्यों और बैरियर पर कार्यरत श्रमिकों के मानदेय में दिया जाएगा। खर्च का निर्णय ग्राम सभा की स्वीकृति से समय-समय पर लिया जाएगा। बैठक में यह भी तय किया गया कि भद्रराज मंदिर समिति परिसर में किसी भी प्रकार का पार्किंग शुल्क या अन्य शुल्क नहीं वसूलेगी। इस संबंध में वन प्रबंधन समिति द्वारा मंदिर समिति को औपचारिक सूचना जारी की जाएगी। इस मौके पर सिकंदर सिंह, राजेश सिंह, दिनेश पुंडीर, दिनेश सिंह, राजेन्द्र सिंह, सुरेन्द्र रावत, विजेन्द्र रावत, सुरेन्द्र सिह रावत के साथ अन्य लोग मौजूद थे।