मसूरी। पहाड़ों की रानी मसूरी में पर्यटन सीजन एक बार फिर भारी ट्रैफिक जाम की भेंट चढ़ता नजर आया। वीकेंड पर पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ने से शहर की प्रमुख सड़कें घंटों तक वाहनों से अटी रहीं। गांधी चौक, पिक्चर पैलेस, लाइब्रेरी चौक, इलेक्ट्रिक बस स्टैंड, इंडोर बाजार और माल रोड से जुड़े मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। कई स्थानों पर वाहन रेंगते नजर आए, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे अधिक दबाव गांधी चौक से पिक्चर पैलेस मार्ग पर देखने को मिला, जहां घंटों तक जाम की स्थिति बनी रही। होटलों में पहुंचने वाले पर्यटक, स्थानीय व्यापारी, स्कूली बच्चे और दैनिक कार्यों से आने-जाने वाले लोग ट्रैफिक जाम में फंसे रहे। कई पर्यटकों ने कहा कि मसूरी घूमने का उत्साह जाम में फंसकर फीका पड़ गया।
हर साल वही हाल, लेकिन समाधान नहीं
स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों का कहना है कि पर्यटन सीजन शुरू होते ही मसूरी की पहचान ट्रैफिक जाम से होने लगती है। हर वर्ष सरकार और प्रशासन की ओर से नई योजनाओं की घोषणा तो होती है, लेकिन धरातल पर स्थायी समाधान आज तक नहीं निकल सका। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी व्यवस्था नहीं बनाई गई तो मसूरी की पर्यटन छवि को नुकसान पहुंचेगा।
पुलिस बल की कमी भी बनी चुनौती
लोगों का कहना है कि बढ़ती पर्यटक संख्या के मुकाबले शहर में यातायात व्यवस्था संभालने के लिए पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध नहीं है। प्रमुख चौराहों पर सीमित संख्या में पुलिसकर्मी पूरे शहर का ट्रैफिक नियंत्रित करने का प्रयास करते नजर आए, लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण व्यवस्था बार-बार बिगड़ती रही। स्थानीय लोगों का मानना है कि पर्यटन सीजन के दौरान अतिरिक्त पुलिस बल और प्रशिक्षित ट्रैफिक कर्मियों की तैनाती जरूरी है।
व्यापार और पर्यटन दोनों पर पड़ रहा असर
व्यापारियों का कहना है कि लगातार लगने वाले जाम से पर्यटक परेशान होकर समय से पहले मसूरी छोड़ने लगे हैं। कई लोग बाजारों तक पहुंचने के बजाय सीधे वापस लौट जाते हैं, जिससे स्थानीय कारोबार भी प्रभावित होता है। होटल व्यवसायियों का कहना है कि यदि ट्रैफिक समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले वर्षों में इसका सीधा असर पर्यटन और हजारों लोगों की आजीविका पर पड़ेगा।
स्थायी समाधान की उठी मांग
स्थानीय लोगों ने कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मसूरी की सबसे बड़ी समस्या बन चुके ट्रैफिक जाम के समाधान के लिए दीर्घकालिक योजना लागू की जाए। उन्होंने पर्यटन सीजन में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, पार्किंग व्यवस्था को सुदृढ़ करने, शटल एवं सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने, प्रमुख चौराहों पर बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन और बाहरी वाहनों के नियंत्रित प्रवेश जैसी व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मसूरी की अर्थव्यवस्था पर्यटन पर आधारित है। यदि जाम की समस्या पर शीघ्र और ठोस कदम नहीं उठाए गए तो इसका सीधा असर पर्यटकों की संख्या, स्थानीय रोजगार और शहर की प्रतिष्ठा पर पड़ेगा। उनका कहना है कि ष्मसूरी की खूबसूरती तभी पर्यटकों को आकर्षित करेगी, जब यहां तक पहुंचना और शहर में घूमना आसान होगा।

