मसूरी पानी वाले बैंड पर बार-बार सड़क बंद, मंत्री के निरीक्षण के बाद भी उठे सवाल

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 मसूरी-देहरादून मार्ग पर पानी वाला बैंड इन दिनों यातायात के साथ-साथ सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और नियोजन को लेकर भी सवालों के घेरे में है। अतिवृष्टि के बाद क्षतिग्रस्त हुए सड़क हिस्से पर लगातार मलबा और भूस्खलन आने से मार्ग बार-बार बाधित हो रहा है। इससे स्थानीय लोगों, पर्यटकों, नौकरीपेशा लोगों और मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्वतंत्रता दिवस से पहले पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने की संभावना के बीच सड़क की स्थिति ने प्रशासन की चिंता भी बढ़ा दी है। इसी स्थिति का जायजा लेने गुरुवार को कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी पानी वाले बैंड पहुंचे। उन्होंने क्षतिग्रस्त सड़क का स्थलीय निरीक्षण कर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से पुनर्निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली। मंत्री ने अधिकारियों को सड़क को जल्द सुरक्षित बनाने और पुनर्निर्माण कार्य युद्धस्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए। पानी वाले बैंड पर पिछले कुछ समय से सड़क के क्षतिग्रस्त होने, पहाड़ी से मलबा आने और कीचड़ जमा होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। कई बार यातायात रोककर जेसीबी की मदद से मलबा हटाना पड़ा है। मार्ग बंद होने पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग रही है। सबसे गंभीर स्थिति तब बनती है जब जाम में एंबुलेंस, स्कूल जाने वाले छात्र और जरूरी काम से देहरादून जाने वाले लोग फंस जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्थायी तौर पर रास्ता खोलने के बाद बारिश होते ही फिर वही समस्या सामने आ रही है। ऐसे में केवल मलबा हटाना पर्याप्त नहीं, बल्कि सड़क का स्थायी समाधान जरूरी है।
निरीक्षण के दौरान गणेश जोशी ने अधिकारियों को संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां वाहनों के दलदल में फंसने की आशंका है, वहां तत्काल पत्थर, गिट्टी और अन्य आवश्यक सामग्री डालकर सड़क को सुरक्षित और सुगम बनाया जाए। साथ ही मार्ग पर आवश्यकतानुसार चेतावनी बोर्ड और बैरिकेडिंग लगाने तथा पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती के निर्देश दिए गए। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को मौके पर लगातार निगरानी रखने और निर्माण कार्य की प्रगति पर नियमित नजर रखने को कहा गया। मंत्री के दौरे के बीच विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधते हुए पानी वाले बैंड की स्थिति को लेकर सवाल खड़े किए हैं। विपक्ष का कहना है कि यदि मसूरी-देहरादून जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर बार-बार भूस्खलन और सड़क धंसने की स्थिति पैदा हो रही है तो निर्माण कार्यों की योजना, डिजाइन, गुणवत्ता और तकनीकी जांच भी सार्वजनिक होनी चाहिए। विपक्ष ने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर मसूरी में कई स्थानों पर अनियोजित तरीके से कार्य किए गए और अब बारिश में उनकी खामियां सामने आ रही हैं। हालांकि, ये आरोप विपक्ष की ओर से लगाए गए हैं और इन पर संबंधित विभाग की विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। मसूरी की अर्थव्यवस्था पर्यटन पर काफी निर्भर है। देहरादून-मसूरी मार्ग पर्यटकों के लिए प्रमुख संपर्क मार्ग होने के कारण पानी वाले बैंड की स्थिति सीधे पर्यटन कारोबार को प्रभावित कर सकती है। स्वतंत्रता दिवस की छुट्टियों में बड़ी संख्या में पर्यटकों के मसूरी पहुंचने की संभावना है। ऐसे में सड़क पर दोबारा मलबा आने या मार्ग बंद होने की स्थिति में यातायात व्यवस्था बिगड़ने के साथ होटल, टैक्सी, रेस्टोरेंट और स्थानीय व्यापारियों पर भी इसका असर पड़ सकता है। स्थानीय लोगों की मांग है कि पानी वाले बैंड पर स्थायी और वैज्ञानिक तरीके से सड़क का उपचार, मजबूत पुश्ता और जल निकासी की व्यवस्था की जाए, ताकि हर बारिश के बाद सड़क बंद होने की समस्या दोबारा खड़ी न हो।