एसआरएमएस बरेली अब उत्तराखंड आयुष्मान योजना में नहीं

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हल्द्वानी। कुमाऊं मंडल के हजारों आयुष्मान कार्डधारकों के लिए एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है। बरेली के भोजीपुरा स्थित श्री राम मूर्ति स्मारक इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसआरएमएस आईएमएस) में अब उत्तराखंड सरकार की आयुष्मान कार्ड योजना के तहत मुफ्त इलाज नहीं मिलेगा। उत्तराखंड शासन ने अस्पताल में कथित अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद उसे आयुष्मान योजना के पैनल से बाहर कर दिया है। इस फैसले का सबसे अधिक असर कुमाऊं के उन गरीब और गंभीर मरीजों पर पड़ेगा, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए नियमित रूप से हल्द्वानी से बरेली रेफर किया जाता था। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, उत्तराखंड शासन ने लगभग दो सप्ताह पहले एसआरएमएस अस्पताल प्रबंधन को अनियमितताओं के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया था।

अस्पताल से प्राप्त जवाब को संतोषजनक नहीं माना गया और जांच में गड़बड़ियों की पुष्टि होने के बाद शासन ने अस्पताल को आयुष्मान योजना के पैनल से हटाने का निर्णय ले लिया। इसके बाद से उत्तराखंड के आयुष्मान कार्डधारकों का अस्पताल में निशुल्क इलाज पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इस निर्णय का सबसे बड़ा असर कुमाऊं मंडल के मरीजों पर पड़ने वाला है। हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) से प्रतिदिन बड़ी संख्या में ऐसे मरीजों को बरेली रेफर किया जाता है, जिन्हें सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा की आवश्यकता होती है। इनमें हार्ट, न्यूरो, कैंसर, किडनी और अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीज शामिल रहते हैं। एसआरएमएस अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, कुमाऊं क्षेत्र से प्रतिदिन 20 से अधिक गंभीर मरीज आयुष्मान योजना के तहत यहां मुफ्त इलाज के लिए पहुंचते थे। अब अस्पताल के पैनल से बाहर होने के बाद इन मरीजों के सामने इलाज का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए निजी अस्पतालों में इलाज कराना लगभग असंभव होगा। ऐसे में अधिकांश मरीजों को अब एम्स ऋषिकेश या दिल्ली के बड़े सरकारी अस्पतालों का रुख करना पड़ेगा। इससे न केवल मरीजों के इलाज में देरी होने की आशंका बढ़ेगी, बल्कि लंबी दूरी की यात्रा, रेफरल प्रक्रिया और अतिरिक्त खर्च का बोझ भी मरीजों एवं उनके परिजनों पर पड़ेगा।

एसआरएमएस अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि शासन की कार्रवाई के बाद उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क कर स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया, लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला। अस्पताल प्रशासन के अनुसार जब तक शासन की ओर से दोबारा अनुमति नहीं मिलती, तब तक उत्तराखंड के आयुष्मान कार्डधारकों का निशुल्क इलाज संभव नहीं है। एसआरएमएस आईएमएस, बरेली के मैनेजर सुनील चन्द्रा ने बताया कि लगभग दो सप्ताह पहले उत्तराखंड शासन ने अनियमितताओं का हवाला देते हुए अस्पताल को आयुष्मान योजना के पैनल से हटा दिया। उन्होंने कहा कि प्रबंधन ने शासन स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत की कोशिश की, लेकिन मामला नहीं सुलझ सका। इसी कारण उत्तराखंड के मरीजों का आयुष्मान कार्ड के माध्यम से इलाज फिलहाल बंद कर दिया गया है।