पहाड़ों की रानी मसूरी के निजी प्रवास पर पहुंचे सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा का स्थानीय अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों ने गर्मजोशी से स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस दौरान न्यायमूर्ति सचदेवा ने मसूरी से जुड़े अपने बचपन के संस्मरण साझा करते हुए कहा कि इस शहर से उनका रिश्ता केवल एक पर्यटक का नहीं, बल्कि भावनात्मक जुड़ाव का है। उन्होंने बताया कि बचपन से उनका मसूरी आना-जाना रहा है। उनके पूज्य पिता, जो दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता रहे, अक्सर उन्हें अपने साथ मसूरी लाते थे। यहां बिताए गए पल आज भी उनकी स्मृतियों में ताजा हैं और हर बार मसूरी आना उन्हें उन सुनहरे दिनों की याद दिला देता है। न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा ने अपने विधिक जीवन के अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बताया कि अधिवक्ता के रूप में उन्होंने लंबे समय तक दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस की। इसके बाद उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया। बाद में उन्होंने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में दायित्व निभाया और वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति के रूप में देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अपने प्रवास के दौरान न्यायमूर्ति सचदेवा ने सिविल जज (जूनियर डिवीजन) मनोज राणा से शिष्टाचार भेंट भी की। इस अवसर पर मसूरी बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने उनका पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया और न्यायपालिका से जुड़े विभिन्न विषयों पर आत्मीय चर्चा की। मसूरी बार एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि देश की सर्वोच्च अदालत के न्यायमूर्ति का मसूरी आगमन शहर के लिए गौरव का विषय है। उनके अनुभव, सादगी और प्रेरणादायी व्यक्तित्व ने उपस्थित अधिवक्ताओं, विशेषकर युवा वकीलों को नई ऊर्जा और मार्गदर्शन प्रदान किया। स्वागत समारोह में वरिष्ठ अधिवक्ता रणवीर सिंह, मनोज सैली, अभिजय पंवार, आर्यन देव उनियाल, संध्या, प्रीता, बीनू, अभिलाषा, सौरव सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।

