पहाड़ों की रानी मसूरी इन दिनों लगातार हो रही बारिश, भूस्खलन और सड़क बंद होने जैसी आपदाओं से जूझ रही है। एक ओर प्रशासन और राहत एजेंसियां लोगों की सुरक्षा और यातायात सुचारु करने में जुटी हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ पर्यटक कानून और व्यवस्था की खुलेआम धज्जियां उड़ाते नजर आए। मसूरी-देहरादून मार्ग पर कई स्थानों पर झरनों के किनारे पर्यटक खुले में शराब पीते और हुक्का गुड़गुड़ाते दिखाई दिए। इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की निगरानी और कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हैरानी की बात यह है कि जिस स्थान पर पर्यटक खुलेआम शराब और हुक्के का सेवन करते नजर आए, वहां से कुलड़ी/कोलूखेत पुलिस चौकी महज करीब 100 मीटर की दूरी पर स्थित है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर नियमित पुलिस गश्त भी होती है, इसके बावजूद पर्यटक बेखौफ होकर नियमों का उल्लंघन करते रहे। लोगों का सवाल है कि यदि आपदा के समय भी सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की गतिविधियां होती रहेंगी तो कानून का भय कैसे बना रहेगा?
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इन दिनों मसूरी-देहरादून मार्ग पर जगह-जगह भूस्खलन का मलबा पड़ा है और कई स्थानों पर सड़कें बेहद संवेदनशील बनी हुई हैं। ऐसे हालात में झरनों के पास बैठकर शराब पीना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकता है। उनका कहना है कि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य भी प्रभावित हो सकते हैं। पर्यटन नगरी में लगातार बढ़ रही ऐसी घटनाओं से स्थानीय लोगों और व्यापारियों में भी नाराजगी है। उनका कहना है कि कुछ पर्यटकों की लापरवाही पूरे शहर की छवि को खराब कर रही है। उन्होंने प्रशासन से संवेदनशील क्षेत्रों, झरनों और सड़क किनारे पुलिस की नियमित निगरानी बढ़ाने तथा सार्वजनिक स्थानों पर शराब और हुक्का पीने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से मसूरी-देहरादून मार्ग पर लगातार भूस्खलन और सड़क बंद होने के कारण अधिकांश पुलिस बल यातायात संचालन और सुरक्षा व्यवस्था में तैनात था। संभव है कि कुछ लोगों ने इसी स्थिति का फायदा उठाकर नियमों का उल्लंघन किया हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस सभी प्रमुख स्थानों पर लगातार गश्त कर रही है और यदि कोई सार्वजनिक स्थान पर शराब पीते या अन्य नियमों का उल्लंघन करते पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।

