मसूरी में जाम बना सबसे बड़ी चुनौती: सुहावने मौसम का आनंद लेने पहुंचे पर्यटक घंटों फंसे, प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल, 

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मसूरी। पहाड़ों की रानी मसूरी में इन दिनों पर्यटकों की भारी आमद जहां पर्यटन कारोबारियों के लिए राहत लेकर आई है, वहीं दूसरी ओर लगातार बढ़ता ट्रैफिक जाम स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है।सुबह के समय मसूरी-देहरादून मार्ग और शहर के प्रमुख चौराहों पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। कई स्थानों पर वाहन रेंगते नजर आए, जबकि कुछ जगहों पर लोगों को घंटों तक जाम में फंसे रहना पड़ा। जांच के दौरान पाया गया कि सड़क किनारे अव्यवस्थित तरीके से वाहनों की पार्किंग जाम की सबसे बड़ी वजह बन रही है। ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया कि बड़ी संख्या में लोग अपनी निजी गाड़ियों को सड़क किनारे खड़ा कर रहे हैं। इसके अलावा मसूरी में संचालित होमस्टे, गेस्ट हाउस और होटल भी अपने पर्यटकों के वाहनों को सड़क पर ही पार्क करा रहे हैं। संकरी सड़कों पर खड़े इन वाहनों के कारण दो तरफा यातायात प्रभावित हो रहा है और जाम की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है।स्थानीय लोगों का कहना है कि पर्यटन सीजन में यह समस्या और बढ़ जाती है, लेकिन इसके बावजूद पार्किंग व्यवस्था को लेकर कोई ठोस कदम दिखाई नहीं देता। मसूरी पेट्रोल पंप क्षेत्र में भी यातायात व्यवस्था चरमराई हुई दिखाई दी। यहां सीमेंट, बजरी, कोल्ड ड्रिंक और अन्य सामान के थोक कारोबारियों द्वारा बड़े-बड़े ट्रकों को सड़क किनारे खड़ा कर लोडिंग-अनलोडिंग कराई जा रही थी। व्यस्त समय में सड़क पर खड़े इन भारी वाहनों के कारण यातायात बाधित हो रहा है और लंबा जाम लग रहा है। स्थानीय व्यापारियों का मानना है कि यदि लोडिंग-अनलोडिंग के लिए निर्धारित समय तय किया जाए तो इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। यातायात प्रबंधन में पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में दिखाई दी। सुबह के व्यस्त समय में मसूरी के कई प्रमुख चौराहों पर कोई पुलिसकर्मी या यातायात कर्मचारी नजर नहीं आया। ऐसे में वाहनों की बढ़ती संख्या और अव्यवस्थित पार्किंग ने स्थिति को और अधिक खराब कर दिया।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पर्यटन सीजन में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती आवश्यक है, ताकि यातायात को सुचारु बनाया जा सके और लोगों को राहत मिल सके। मसूरी घूमने पहुंचे कई पर्यटकों ने जाम को लेकर नाराजगी जताई। दिल्ली से आए पर्यटकों ने बताया कि वे राजधानी की भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए मसूरी पहुंचे थे। यहां का मौसम बेहद सुहावना और मनमोहक है, लेकिन ट्रैफिक जाम ने उनके पूरे सफर का अनुभव खराब कर दिया।

एक पर्यटक ने कहा, "दिल्ली से देहरादून तक का सफर अब काफी आसान हो गया है, लेकिन देहरादून से मसूरी पहुंचना सबसे मुश्किल हिस्सा बन गया है। कुछ किलोमीटर की दूरी तय करने में घंटों लग जाते हैं।" पर्यटकों का कहना है कि यदि जाम की समस्या पर जल्द नियंत्रण नहीं किया गया तो मसूरी की पर्यटन छवि प्रभावित हो सकती है। स्थानीय लोगों, व्यापारियों और पर्यटकों का मानना है कि मसूरी में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए सरकार और प्रशासन को संयुक्त रूप से दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करनी चाहिए। इसमें वैकल्पिक पार्किंग स्थल विकसित करना, सड़क किनारे अवैध पार्किंग पर सख्ती, भारी वाहनों की आवाजाही के लिए समय निर्धारित करना और पर्यटन सीजन में अतिरिक्त यातायात पुलिस की तैनाती जैसे कदम शामिल किए जा सकते हैं। मसूरी उत्तराखंड के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है। हर साल लाखों पर्यटक यहां पहुंचते हैं। लेकिन यदि यातायात व्यवस्था को समय रहते दुरुस्त नहीं किया गया, तो यह समस्या पर्यटन उद्योग और स्थानीय अर्थव्यवस्था दोनों के लिए चुनौती बन सकती है। सुहावने मौसम और प्राकृतिक सुंदरता के लिए मशहूर मसूरी में अब सबसे बड़ी जरूरत बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन और प्रभावी प्रशासनिक समन्वय की महसूस की जा रही है।