मसूरी में वोटर लिस्ट पर घमासान, नाम काटने की शिकायतों से भड़का आक्रोश

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मसूरी। एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में दर्ज नामों पर आपत्तियां लगाए जाने को लेकर मसूरी में सियासी माहौल गरमा गया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि शहर में वर्षों से रह रहे पात्र मतदाताओं के नामों पर आपत्तियां लगाकर उन्हें मतदाता सूची से बाहर करने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ स्थानीय लोगों ने इसको लेकर नाराजगी जताते हुए प्रशासन से पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग की है। शहर कांग्रेस कमेटी की ओर से सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को सौंपे गए प्रत्यावेदन में कहा गया कि कई ऐसे मतदाताओं के नामों पर आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं, जो लंबे समय से मसूरी में रह रहे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि इनमें मुस्लिम और ईसाई समुदाय समेत अन्य स्थानीय नागरिक भी शामिल हैं। ऐसे लोगों के नाम वर्षों से मतदाता सूची में दर्ज हैं और उनका किसी अन्य स्थान की मतदाता सूची में नाम होने की जानकारी भी सामने नहीं आई है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि किसी भी मतदाता के नाम पर आपत्ति दर्ज होने मात्र से उसका नाम सूची से नहीं हटाया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि आपत्ति लगाने वाले व्यक्ति को सुनवाई के दौरान स्वयं उपस्थित होकर अपना पक्ष और संबंधित प्रमाण प्रस्तुत करना अनिवार्य किया जाए। इसके साथ ही प्रत्येक मामले की जमीनी स्तर पर जांच कराई जाए।कांग्रेस ने यह भी मांग की कि आपत्तियों का पूरा विवरण बीएलए-2 को उपलब्ध कराया जाए और संबंधित बीएलओ के माध्यम से मतदाता के पते का सत्यापन कराया जाए। जरूरत पड़ने पर स्थानीय सभासद से भी यह पुष्टि कराई जाए कि संबंधित व्यक्ति वास्तव में मसूरी में निवास करता है या नहीं। स्थानीय निवासी इदरीश अहमद ने कहा कि जो लोग वर्षों से मसूरी में रह रहे हैं, उनके नामों पर अचानक आपत्तियां लगना चिंता का विषय है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि किसी भी शिकायत को राजनीतिक या व्यक्तिगत आधार पर नहीं, बल्कि दस्तावेजों और वास्तविक स्थिति के आधार पर देखा जाए।दानिश खान ने कहा कि मतदाता सूची में नाम होना प्रत्येक पात्र नागरिक के लोकतांत्रिक अधिकार से जुड़ा विषय है। यदि किसी व्यक्ति का नाम बिना पर्याप्त जांच के हटा दिया जाता है तो वह चुनाव के समय अपने मताधिकार से वंचित हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से प्रत्येक आपत्ति की निष्पक्ष सुनवाई कराने की मांग की।शाहजेब अहमद ने कहा कि स्थानीय लोगों को डर है कि आपत्तियों की प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल न हो। उन्होंने कहा कि यदि कोई नाम गलत तरीके से दर्ज है तो उसे नियमों के तहत हटाया जाना चाहिए, लेकिन पात्र और वर्षों से मसूरी में रह रहे मतदाताओं को परेशान नहीं किया जाना चाहिए। महिला कांग्रेस अध्यक्ष जसबीर कौर ने आरोप लगाया कि कुछ पात्र मतदाताओं को राजनीतिक कारणों से निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि मताधिकार संविधान प्रदत्त अधिकार है। किसी भी पात्र नागरिक को सिर्फ शिकायत के आधार पर उसके वोट के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पूरी प्रक्रिया की निगरानी निष्पक्ष तरीके से की जाए और शिकायतों की सत्यता जांचने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाए। कांग्रेस अध्यक्ष अमित गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ नहीं है। मतदाता सूची को दुरुस्त करना जरूरी है, लेकिन इसके नाम पर पात्र मतदाताओं के नाम नहीं कटने चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए जिससे अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में न रहे और पात्र नागरिक का नाम भी किसी गलत शिकायत के कारण न हटे।उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर प्रशासन के सामने अपनी बात रख रही है और यदि किसी पात्र मतदाता के नाम को गलत तरीके से हटाने का प्रयास हुआ तो लोकतांत्रिक तरीके से इसका विरोध किया जाएगा। एसडीएम मसूरी राहुल आनंद ने कहा कि मतदाता सूची से किसी भी व्यक्ति का नाम हटाने की कार्रवाई निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के अनुसार ही की जाएगी। केवल आपत्ति या शिकायत के आधार पर तत्काल किसी का नाम नहीं हटाया जाएगा। संबंधित मामलों में आवश्यक दस्तावेज और प्रमाणों की जांच के बाद ही नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा। इस मौके पर उपेन्द्र थापली, महेश चंद, कामिल अली, नासिर हुसैन, एजाज अंसारी सहित कई लोग मौजूद थे।