मसूरी। कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अक्सर यह होती है कि पढ़ाई के बाद किस क्षेत्र में करियर बनाया जाए। इसी को ध्यान में रखते हुए अखिल महिला समिति, मसूरी की ओर से सोमवार को शिशु मंदिर स्कूल में कैरियर परामर्श एवं कौशल विकास कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में करीब 250 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विशेषज्ञों से अपने भविष्य को लेकर सवाल पूछे।कार्यक्रम का संचालन नैसकॉम फाउंडेशन, देहरादून के विशेषज्ञों श्री गिरिश, सुश्री आकांक्षा पांडे और सुश्री वर्षा ने किया। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को करियर के बदलते अवसरों, आवश्यक कौशल और अपनी रुचि व क्षमता को पहचानकर सही क्षेत्र का चुनाव करने के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को केवल पारंपरिक करियर विकल्पों तक सीमित न रहने और बदलते समय के अनुरूप नए कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से करियर और भविष्य से जुड़े विभिन्न सवाल पूछे। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें व्यावहारिक सुझाव दिए। विद्यार्थियों को समझाया गया कि करियर का चुनाव केवल दूसरों की देखा-देखी करने के बजाय अपनी रुचि, क्षमता और लक्ष्य को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। अखिल महिला समिति, मसूरी के लिए यह आयोजन इसलिए भी खास रहा क्योंकि समिति अपना शताब्दी वर्ष मना रही है। समिति पदाधिकारियों ने कहा कि शताब्दी वर्ष में समाज और विशेष रूप से युवा पीढ़ी के विकास एवं सशक्तीकरण को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी उद्देश्य से विद्यार्थियों के लिए करियर मार्गदर्शन और कौशल विकास जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में समिति की अध्यक्ष भारोसी रावत, सचिव गीतू मनचंदा और कोषाध्यक्ष उषा धनाई मौजूद रहीं। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें अपने भविष्य के प्रति जागरूक रहने और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया।विशेषज्ञों का स्वागत एवं परिचय स्थायी समिति की सदस्य कमल शर्मा ने कराया। कार्यक्रम में समिति की सदस्य आशा गुप्ता, मीरा गुप्ता, हरजिंदर वढेरा, रमनजीत कौर, उषा धनाई, रजनी एकांत, किरण त्रिपाठी, उषा मेहरा और अनीता बत्रा भी मौजूद रहीं।कार्यक्रम को सफल बनाने में शिशु मंदिर स्कूल के प्रधानाचार्य मनोज रयाल का विशेष सहयोग रहा। समिति पदाधिकारियों ने कहा कि युवाओं को सही समय पर सही दिशा और मार्गदर्शन मिलना उनके भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों को न केवल विभिन्न करियर विकल्पों की जानकारी मिली, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए आवश्यक कौशल विकसित करने की प्रेरणा भी मिली। समिति ने भविष्य में भी ऐसे ज्ञानवर्धक और उपयोगी कार्यक्रम जारी रखने की बात कही।

