मसूरी। बाल विकास परियोजना शहर देहरादून के सेक्टर यमुना कॉलोनी अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र खच्चर खाना में आंगन मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में गर्भवती और धात्री महिलाओं के साथ बच्चों और उनके अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान गर्भवती महिला की पारंपरिक रूप से गोदभराई और छोटे बच्चे का अन्नप्राशन कराया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भाजपा महिला मोर्चा मसूरी की अध्यक्ष जसोदा शर्मा, नवनिर्वाचित पार्षद अनिल गोयल और पार्षद अनीता धनाई मौजूद रहे। कार्यक्रम की संयोजक दर्शनी सेमवाल और सहसंयोजक सीमा पुंडीर ने आयोजन की व्यवस्थाएं संभालीं। आशा फैसिलेटर पुष्पा, संगीता लेखवार और शिबि नौटियाल सहित क्षेत्र की महिलाएं भी कार्यक्रम में शामिल हुईं। आंगनबाड़ी कार्यकत्री ममता कुमार ने उपस्थित महिलाओं और अभिभावकों को बाल विकास विभाग की योजनाओं और आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दी। गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पोषण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए संतुलित आहार के महत्व के बारे में बताया गया। कार्यक्रम में गर्भवती और धात्री महिलाओं को खजूर, मूंगफली और टेक होम राशन वितरित किया गया। आयोजकों ने कहा कि गर्भावस्था और बच्चों के शुरुआती वर्षों में पोषण का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। आंगन मिलन कार्यक्रम में गर्भवती महिला की गोदभराई की रस्म पारंपरिक तरीके से कराई गई। वहीं छोटे बच्चे का अन्नप्राशन भी कराया गया। इस दौरान महिलाओं ने मंगल गीत और शुभकामनाओं के साथ कार्यक्रम में उत्साह बढ़ाया। बच्चों और उनकी माताओं के लिए यह आयोजन खास आकर्षण का केंद्र रहा। कार्यक्रम में सात माह से तीन वर्ष तक के बच्चों और उनकी माताओं तथा तीन से छह वर्ष तक के बच्चों व उनके अभिभावकों ने भी भाग लिया। आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी भी साझा की गई। कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी केंद्र खच्चर खाना की कार्यकत्री ममता कुमार, सहायिका पूनम धीमान और क्षेत्रीय आशा वर्कर को गणमान्य लोगों ने सम्मानित किया। वक्ताओं ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और आशा वर्कर महिलाओं तथा बच्चों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। आंगन मिलन कार्यक्रम में महिलाओं की भागीदारी और बच्चों की गतिविधियों ने माहौल को जीवंत बना दिया। कार्यक्रम के माध्यम से पोषण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।

