मसूरी, 23 मई। पर्यटन नगरी मसूरी स्थित सोहम हिमालयन सेंटर शनिवार को उस समय खास आकर्षण का केंद्र बन गया, जब उत्तराखंड सरकार के पर्यटन, सिंचाई एवं लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने यहां पहुंचकर संग्रहालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड की संस्कृति, लोक जीवन और विरासत को संजोने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यहां “अल्फा टू ओमेगा उत्तराखंड” की झलक देखने को मिलती है।
सतपाल महाराज ने संग्रहालय में रखे दुर्लभ सिक्कों के संग्रह, पारंपरिक कलाकृतियों और वेस्ट मटेरियल से तैयार स्कल्पचर्स की सराहना करते हुए कहा कि यह सेंटर नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और संस्कृति से जोड़ने का कार्य कर रहा है। उन्होंने सेंटर के संस्थापक समीर शुक्ला और डॉ. कविता शुक्ला की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह के संग्रहालय ज्ञानवर्धन के साथ सांस्कृतिक चेतना को भी मजबूत करते हैं।
उन्होंने देश-विदेश से मसूरी आने वाले पर्यटकों से अपील की कि वे सोहम हिमालयन सेंटर का भ्रमण जरूर करें, ताकि उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर और लोक परंपराओं को करीब से जान सकें। महाराज ने कहा कि कचरे के पुनः उपयोग और रिसाइक्लिंग को बढ़ावा देना समय की जरूरत है और इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं।
सतपाल महाराज ने कहा कि राज्य सरकार दूरस्थ क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होमस्टे योजना को लगातार मजबूत कर रही है। उन्होंने बताया कि पहले होमस्टे योजना में छह कमरों की अनुमति थी, जिसे बढ़ाकर आठ कमरे कर दिया गया है। सरकार होमस्टे संचालकों को सब्सिडी और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध करा रही है, ताकि गांवों में युवाओं को रोजगार मिल सके। उन्होंने कहा कि मंडुवा, झंगोरा और पहाड़ी अनाजों से बने पारंपरिक व्यंजन अब पर्यटकों के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं और इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
महाराज ने स्टारगेजिंग और बर्ड वॉचिंग जैसे नए पर्यटन आयामों पर भी जोर देते हुए कहा कि उत्तराखंड के दूरस्थ क्षेत्रों में प्रकृति और साफ आसमान पर्यटकों को अनूठा अनुभव प्रदान करते हैं। सरकार ऐसे पर्यटन स्थलों को विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है।
इस दौरान उन्होंने मसूरी-देहरादून मार्ग पर प्रतिबंधित क्षेत्रों में हो रहे अवैध निर्माणों और सड़क किनारे खड़े किए जा रहे अस्थायी ढांचों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ऐसे अवैध निर्माणों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मसूरी में ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए वैकल्पिक मार्गों और देहरादून रिंग रोड परियोजना पर भी तेजी से काम किया जा रहा है।
सतपाल महाराज ने कहा कि जॉर्ज एवरेस्ट क्षेत्र को और विकसित किया जा रहा है। यहां उत्तराखंड की संस्कृति और जॉर्ज एवरेस्ट के इतिहास को प्रदर्शित करने के लिए थिएटर और आर्ट गैलरी बनाई जाएंगी, जिससे स्थानीय कलाकारों को भी मंच मिलेगा।
2027 विधानसभा चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तराखंड में एक बार फिर भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना जैसे विकास कार्य भाजपा सरकार की दूरदर्शी सोच का परिणाम हैं।उन्होने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि विपक्ष में रचात्मक सोच नही है व सोच सिर्फ भाजपा के पास है और प्रदेष की जनता भाजपा सरकार द्वारा प्रदेष के विकास को लेकर किये गए कार्यो को देखेत हुए भाजपा को वोट देगी।
वहीं सोहम हिमालयन सेंटर के संस्थापक समीर शुक्ला ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में इस संग्रहालय की स्थापना करना बड़ी चुनौती थी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य उत्तराखंड की संस्कृति और विरासत को संरक्षित कर नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। उन्होंने सरकार से संग्रहालय के प्रचार-प्रसार और विकास के लिए सहयोग की मांग भी की।

