शुद्धिकरण कार्यक्रम के विरोध में प्राथमिकी की मांग, भाजपा पर दलित समाज का अपमान करने का लगाया आरोप
मसूरी। हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुए कथित शुद्धिकरण कार्यक्रम को लेकर मसूरी में भी सियासी माहौल गरमा गया है। सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट की ओर से किए गए समर्थन के विरोध में मसूरी कोतवाली पहुंचकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कोतवाल देवेंद्र चौहान को ज्ञापन सौंपते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि रामलीला मैदान में हुआ कथित शुद्धिकरण कार्यक्रम दलित समाज और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के प्रति अपमानजनक मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थलों और लोकतांत्रिक संस्थाओं को जातीय और राजनीतिक विवाद का केंद्र बनाना समाज के लिए उचित नहीं है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना था कि भाजपा की कथित नीतियों और नेताओं के बयानों से समाज में जातीय तनाव और आपसी वैमनस्य बढ़ने का खतरा है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित लोगों की भूमिका की जांच करने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। ज्ञापन देने पहुंचे कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक वर्ग, जाति और समुदाय के सम्मान की रक्षा होना जरूरी है। किसी भी राजनीतिक दल या संगठन को ऐसा माहौल बनाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, जिससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस तरह के मामलों का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करती रहेगी। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर दलित विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और चुनाव में भाजपा को इसका जवाब दिया जाएगा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर पार्टी को मजबूत करने और भाजपा को सत्ता से बाहर करने का दावा भी किया। कांग्रेस ने पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की। इस मौके पर मसूरी षहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित गुप्ता, महेष चंद,अनुज गुप्ता, राजीव अग्रवाल, नागेन्द्र उनियाल सहित कई लोग मौजूद थे।

