पर्यटन सीजन के चरम पर पहुंचने से पहले मसूरी में लगातार बढ़ रही ट्रैफिक जाम की समस्या को लेकर प्रशासन अब एक्शन मोड में नजर आ रहा है। शनिवार को एसडीएम मसूरी राहुल आनंद ने राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग, मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण, वन विभाग, नगर पालिका परिषद, परिवहन विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ शहर के प्रमुख चौराहों और यातायात प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क किनारे अव्यवस्थित ढंग से खड़े वाहनों को तत्काल हटाया जाए, अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया जाए और सभी प्रमुख चौकों को व्यवस्थित करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि पर्यटन सीजन में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।
एसडीएम राहुल आनंद ने लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी क्षेत्र से लेकर गांधी चौक, किंक्रेग चौक और पिक्चर पैलेस तक विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उन बिंदुओं की पहचान की जहां सबसे अधिक जाम लगता है और अधिकारियों से उसके स्थायी समाधान पर चर्चा की। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि मसूरी के नौ प्रमुख चौराहों का निरीक्षण किया गया है। इन स्थानों पर ट्रैफिक दबाव, अतिक्रमण और अव्यवस्थित पार्किंग को जाम का मुख्य कारण माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन सभी बिंदुओं पर अलग-अलग कार्ययोजना तैयार की जा रही है। एसडीएम ने कहा कि नियमों के अनुसार भारी और मालवाहक वाहन रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ही शहर में प्रवेश कर सकते हैं, लेकिन शिकायतें मिल रही हैं कि कई वाहन प्रतिबंधित समय के बाद भी शहर में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा है। उन्होंने पुलिस और परिवहन विभाग को ऐसे वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को सीज भी किया जा सकता है। निरीक्षण के दौरान सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को भी जाम का बड़ा कारण माना गया। एसडीएम ने लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और नगर पालिका परिषद को संयुक्त रूप से अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जब अधिकारी निरीक्षण पर साथ रहते हैं तो व्यवस्थाएं सामान्य दिखाई देती हैं, लेकिन आम दिनों में जाम की स्थिति बन जाती है। इससे स्पष्ट है कि कहीं न कहीं सिस्टम में खामियां हैं, जिन्हें दूर करने की जरूरत है।
यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए गांधी चौक क्षेत्र में विशेष ड्रॉपिंग प्वाइंट विकसित करने की योजना भी तैयार की जा रही है। इससे टैक्सी और अन्य वाहन सड़क पर रुकने के बजाय निर्धारित स्थान पर यात्रियों को उतार सकेंगे और मुख्य मार्ग पर जाम की स्थिति कम होगी।
एसडीएम राहुल आनंद ने बताया कि निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों की समीक्षा एक सप्ताह बाद की जाएगी। यदि किसी विभाग या अधिकारी की ओर से लापरवाही पाई जाती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि मसूरी में ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या को लेकर उच्च स्तर पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इस संबंध में उत्तराखंड शासन और गृह विभाग द्वारा भी बैठकें आयोजित की गई हैं।
एसडीएम ने कहा कि शहर में पार्किंग की कमी एक बड़ी चुनौती है और इसके समाधान के लिए स्थानीय लोगों का सहयोग आवश्यक है। यदि कोई व्यक्ति अपनी निजी भूमि पर पार्किंग विकसित करना चाहता है तो उसे शासन स्तर पर प्रोत्साहन और आवश्यक अनुमति प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य केवल जाम हटाना नहीं, बल्कि मसूरी में ऐसी स्थायी और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था विकसित करना है जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों को राहत मिल सके।

