हरेला पर्व पर होगा व्यापक वृक्षारोपण, होटल उद्योग से लेकर स्कूल-कॉलेज तक निभाएंगे अहम भूमिका

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पहाड़ों की रानी मसूरी को और अधिक हरित, सुंदर और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। मसूरी सौंदर्यीकरण अभियान के तहत शनिवार को आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में शहर को हरियाली से आच्छादित करने और पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की रणनीति तैयार की गई। बैठक की अध्यक्षता संयुक्त मजिस्ट्रेट मसूरी राहुल आनंद ने की। बैठक में तय किया गया कि आगामी 16 जुलाई को हरेला पर्व के अवसर पर मसूरी में व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए 21 जून तक विभिन्न स्थानों पर पौधारोपण हेतु गड्ढों की खुदाई का कार्य पूरा किया जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि मसूरी की प्राकृतिक सुंदरता को और अधिक आकर्षक बनाना तथा पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ना है। सौंदर्यीकरण अभियान को सफल बनाने के लिए मसूरी के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों, होटल उद्योग, सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों को एक मंच पर लाने की योजना बनाई गई है। बैठक में विभिन्न स्कूलों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया और अभियान में सक्रिय सहयोग का भरोसा दिलाया। इसके साथ ही लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, प्रौद्योगिकी प्रबंधन संस्थान, रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन तथा भारत-तिब्बत सीमा पुलिस जैसे प्रमुख संस्थानों का सहयोग भी लिया जाएगा। संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद ने कहा कि मसूरी की पहचान उसकी प्राकृतिक सुंदरता है और इसे संरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने नागरिकों, व्यापारियों, होटल व्यवसायियों और सामाजिक संगठनों से अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन, शिक्षण संस्थान, होटल उद्योग और स्थानीय लोग मिलकर प्रयास करें तो मसूरी पर्यावरण संरक्षण और सौंदर्यीकरण के क्षेत्र में पूरे प्रदेश के लिए एक मॉडल बन सकती है। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि हरेला पर्व को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखकर इसे बड़े जनअभियान के रूप में मनाया जाएगा। विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं, स्वयंसेवी संस्थाएं और स्थानीय संगठन वृक्षारोपण कार्यक्रमों में भाग लेंगे तथा पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभाएंगे। बैठक में उत्तराखंड होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप साहनी, मसूरी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, सचिव अजय भार्गव, वन विभाग के रेंजर एम.एस. चौहान सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।