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मसूरी। उत्तराखंड क्रांति दल की वरिष्ठ नेता प्रमिला रावत ने मसूरी में पिछले 26 दिनों से धरने पर बैठे पटरी व्यापारियों से मुलाकात कर उनके आंदोलन को समर्थन दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य गठन के समय जो सपने और अवधारणा जनता के सामने रखी गई थी, वह आज तक पूरी नहीं हो पाई है। राज्य 25 वर्ष पूरे कर 26वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है, लेकिन आज भी आम जनता मूलभूत समस्याओं से जूझ रही है।
पत्रकारों से बातचीत में प्रमिला रावत ने कहा कि प्रदेश में गरीब और अधिक गरीब होता जा रहा है, जबकि अमीर वर्ग लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बेरोजगारी और नकल माफिया ने युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर दिया है। उन्होंने कहा कि आज गरीब लोग अपनी मांगों को लेकर शहीद स्थल पर धरना देने को मजबूर हैं, कई परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो चुका है, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, लेकिन भाजपा का मसूरी में “ट्रिपल इंजन सरकार” को इससे कोई सरोकार नहीं है।
उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों में कांग्रेस और भाजपा दोनों ने अलग-अलग समय पर प्रदेश में शासन किया, लेकिन उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए। दोनों राष्ट्रीय दलों ने केवल सत्ता और संसाधनों का दोहन किया, जबकि पहाड़ों से पलायन, बेरोजगारी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी समस्याएं लगातार बढ़ती गईं।
प्रमिला रावत ने दावा किया कि अब प्रदेश की जनता क्षेत्रीय दलों की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रही है और उत्तराखंड क्रांति दल का कुनबा लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में उत्तराखंड में ऐसी स्थिति बनेगी कि न्ज्ञक् के सहयोग के बिना सरकार बनाना संभव नहीं होगा। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बार उनकी पार्टी केवल समर्थन देने की राजनीति नहीं करेगी, बल्कि खुद सरकार बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगी।
उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व में उत्तराखंड क्रांति दल ने कुछ शर्तों के आधार पर भाजपा को समर्थन दिया था, लेकिन भाजपा ने उन शर्तों को पूरा नहीं किया, जिसके चलते बीच में ही समर्थन वापस लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश की जनता समझ चुकी है कि उत्तराखंड के हितों की वास्तविक लड़ाई केवल उत्तराखंड क्रांति दल ही लड़ सकता है।
पटरी व्यापारियों के आंदोलन को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार को गरीब व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना चाहिए और उनके रोजगार को सुरक्षित रखने के लिए ठोस नीति बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

