govt-ads

मसूरी में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी का बड़ा बयान, हल्द्वानी रामलीला मैदान के शुद्धिकरण से भाजपा का कोई लेना-देना नहीं

Blog
 Image


राहुल गांधी पर कैबिनेट मंत्री ने साधा निशाना, बोले- एफआईआर करनी है तो दिल्ली से भी कर सकते हैं; उत्तराखंड के विकास में प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह का अहम योगदान

मसूरी में हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुए शुद्धिकरण को लेकर उत्तराखंड की सियासत गरमा गई है। मसूरी पहुंचे प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने शनिवार को इस मामले में भारतीय जनता पार्टी और उसके कार्यकर्ताओं का किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान में कुछ हिंदू संगठनों और कांग्रेस के बयानों से नाराज लोगों ने शुद्धिकरण किया था। भाजपा कार्यकर्ताओं का इससे कोई लेना-देना नहीं है। कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे गणेश जोशी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान पर भी पलटवार किया, जिसमें हल्द्वानी में शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की बात कही गई थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी को 56 साल का युवा कहा जाता है। यदि एफआईआर करनी है तो वह दिल्ली में बैठकर भी कर सकते हैं। उनके कुछ भी करने से कोई फर्क नहीं पड़ने वाला।
कैबिनेट मंत्री ने राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरे को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पंतनगर पहुंचे और उन्हें अल्मोड़ा में रैली में शामिल होना था, लेकिन करीब दो घंटे का सफर भी तय नहीं कर पाए। जो व्यक्ति उत्तराखंड के लोगों के बीच आने और उनके साथ खड़े होने में रुचि नहीं दिखाता, उससे प्रदेश के प्रति प्रेम की उम्मीद कैसे की जा सकती है।
गणेश जोशी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का उत्तराखंड से गहरा जुड़ाव है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेता लगातार उत्तराखंड का दौरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार उत्तराखंड के विकास के लिए लगातार काम कर रही है और प्रधानमंत्री मोदी से लेकर अमित शाह तक प्रदेश के विकास में अपना योगदान दे रहे हैं।
हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुए शुद्धिकरण को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस की ओर से कार्रवाई की मांग किए जाने के बाद भाजपा की ओर से भी इसे पार्टी से अलग बताते हुए सफाई दी जा रही है। गणेश जोशी के बयान ने इस विवाद को और राजनीतिक रंग दे दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रामलीला मैदान में शुद्धिकरण करने वाले लोग भाजपा के कार्यकर्ता नहीं थे। यह कुछ हिंदू संगठनों और कांग्रेस के बयानों से नाराज लोगों की ओर से किया गया कदम था। ऐसे में इसका राजनीतिक ठीकरा भाजपा पर फोड़ना उचित नहीं है।