दो दिन का विधानसभा सत्र डेढ़ दिन में खत्म करने पर उठाए सवाल, डॉ. प्रतिमा सिंह बोलीं—भ्रष्टाचार के मुद्दों से भाग रही सरकार
उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण में अनुपूरक बजट पारित होने के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने सदन में 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश कर पारित कराया, लेकिन विपक्ष ने सदन की कार्यवाही और चर्चा के अवसर को लेकर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार ने भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा से बचने के लिए विधानसभा सत्र को समय से पहले अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताते हुए जनता के बीच जाने की बात कही है।
कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष ने नियम 310 के तहत करीब 210 करोड़ रुपये के कथित घोटाले पर चर्चा कराने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने इस विषय पर चर्चा नहीं होने दी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब विपक्ष गंभीर मुद्दे सदन में उठाना चाहता था, तो उसे अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर क्यों नहीं दिया गया?
बजट पारित, विपक्ष के सवालों पर टकराव
डॉ. प्रतिमा सिंह के अनुसार, विधानसभा सत्र दो दिन के लिए निर्धारित किया गया था, लेकिन इसे करीब डेढ़ दिन में ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि विधानसभा जनता के मुद्दों पर चर्चा करने और सरकार से जवाब मांगने का प्रमुख मंच है। ऐसे में विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों पर चर्चा नहीं होना चिंताजनक है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि सरकार भ्रष्टाचार से जुड़े सवालों का सामना करने से बच रही है। उन्होंने कहा कि अनुपूरक बजट पारित करना सरकार की विधायी प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन इसके साथ जनता के सवालों और विपक्ष की ओर से उठाए गए मुद्दों पर चर्चा भी जरूरी है।
210 करोड़ रुपये के कथित घोटाले पर जवाब मांगा
कांग्रेस ने 210 करोड़ रुपये के कथित घोटाले को लेकर चर्चा की मांग को प्रमुखता से उठाया। डॉ. प्रतिमा सिंह ने कहा कि विपक्ष इस मामले में सदन के माध्यम से जवाबदेही तय करना चाहता था। उनके मुताबिक, चर्चा नहीं होने से इस मुद्दे पर सरकार का पक्ष सामने नहीं आ सका।
हालांकि, कथित घोटाले से संबंधित विभाग, मामले के विशिष्ट विवरण और आरोपों पर सरकार का पक्ष उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं है। ऐसे में इस मामले में आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
जनता के बीच जाएगी कांग्रेस
डॉ. प्रतिमा सिंह ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएगी और सरकार से जवाब मांगती रहेगी। उन्होंने कहा कि विधानसभा में विपक्ष की भूमिका केवल बजट पर प्रतिक्रिया देने तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी खर्च और कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाना भी उसकी जिम्मेदारी है।
अनुपूरक बजट पारित होने के बाद अब राजनीतिक बहस का केंद्र यह है कि सदन में विपक्ष को चर्चा के कितने अवसर मिले और 210 करोड़ रुपये के कथित घोटाले पर उठाए गए सवालों का जवाब किस स्तर पर दिया जाएगा। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र और जवाबदेही से जुड़ा मुद्दा बनाया है, जबकि आरोपों पर सरकार का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

