पर्यटन नगरी मसूरी में नगर पालिका की प्रस्तावित नई लाइसेंस व पंजीकरण व्यवस्था को लेकर व्यापारियों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। मसूरी ट्रेडर्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले व्यापारियों ने पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी को ज्ञापन सौंपकर इस प्रस्ताव का तीखा विरोध जताया और इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। एसोसिएशन के अध्यक्ष रजत अग्रवाल के नेतृत्व में पहुंचे व्यापारियों ने कहा कि पहले से ही कारोबारी वर्ग विभिन्न प्रकार के लाइसेंस और करों के जाल में उलझा हुआ है। शॉप एंड एस्टेब्लिशमेंट, फूड लाइसेंस, जीएसटी, माप-तौल विभाग, मंडी शुल्क, हाउस टैक्स, कूड़ा प्रबंधन शुल्क, अग्नि सुरक्षा, ईएसआईसी, पीएफ, पीपीएल, ट्रैवल ट्रेड पंजीकरण और होम स्टे-लॉजिंग लाइसेंस जैसे अनेक नियमों का पालन करना पड़ता है। ऐसे में एक और लाइसेंस व शुल्क व्यवस्था लागू करना “व्यापारियों के शोषण” के समान होगा। रजत अग्रवाल ने कहा कि यह प्रस्ताव पूरी तरह अव्यवहारिक है और इससे छोटे व्यापारियों का अस्तित्व संकट में पड़ सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पालिका ने इस प्रस्ताव को वापस नहीं लिया, तो व्यापारी सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। महामंत्री जगजीत कुकरेजा ने भी इसे व्यापारी विरोधी कदम बताते हुए कहा कि लगातार बढ़ते नियमों से व्यापार करना दिन-ब-दिन कठिन होता जा रहा है, जिसका सीधा असर स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन पर पड़ेगा।
पालिका का पक्षरू ‘व्यवस्था सुधार के लिए डेटा जरूरी’
वहीं, पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने व्यापारियों की आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि नगर पालिका किसी भी प्रकार का नया टैक्स नहीं लगा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर में संचालित सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का सटीक डेटा एकत्र करने के लिए यह प्रक्रिया शुरू की जा रही है।उन्होंने यह भी बताया कि पालिका क्षेत्र में अतिक्रमण कर व्यवसाय करने वालों की पहचान भी की जाएगी, ताकि व्यवस्था को दुरुस्त किया जा सके। सकलानी के अनुसार, व्यापारियों, होटल संचालकों, होम स्टे मालिकों और अन्य हितधारकों से सुझाव लेने के बाद ही एक संतुलित नीति बनाई जाएगी, जिससे सभी को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इस मौके पर सुनील सोनकर, अतुल अग्रवाल, नागेंद्र उनियाल, राजीव अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, तनमीत खालसा सहित अन्य लोग मौजूद थे।

