सड़क पर बेसहारा कुत्तों के लिए ‘मसीहा’ बने युवा, जान बचाने से टीकाकरण तक चला रहे मुहिम

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मसूरी। शहर की सड़कों पर अक्सर अनदेखे और बेसहारा घूमते आवारा कुत्तों के लिए कुछ युवा उम्मीद की किरण बने हुए हैं। कोई बीमार है तो उसके उपचार की जिम्मेदारी उठाना, किसी कुत्ते को चोट लगी है तो उसे एंबुलेंस से उपचार केंद्र तक पहुंचाना और सड़कों पर घूम रहे कुत्तों को रेबीज से बचाने के लिए उनका टीकाकरण कराना होप्स फॉर एनिमलस् के स्वयंसेवक लगातार इसी सेवा में जुटे हैं। अपने समय और संसाधनों से पशुओं की सेवा कर रहे इन स्वयंसेवकों के कार्यों को देखते हुए रविवार को उनका सम्मान किया गया।
होटल केनिलवर्थ में आयोजित कार्यक्रम में रोटरी क्लब मसूरी, स्तोत्रक होटल और मसूरी ट्रेडर्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से ‘ होप्स फॉर एनिमलस्’ के स्वयंसेवकों को उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम में स्वयंसेवकों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें इस मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
सड़क पर बीमार कुत्ता दिखा तो नहीं मुड़ते मुंह
रोटरी क्लब मसूरी के अध्यक्ष अश्वनी मित्तल ने कहा कि ‘ होप्स फॉर एनिमलस्’ ’ के स्वयंसेवक जिस मानवीय सोच के साथ पशुओं की सेवा कर रहे हैं, वह समाज के लिए प्रेरणादायक है। ये युवा अपने निजी काम और व्यस्तता के बीच समय निकालकर सड़कों पर रहने वाले पशुओं की मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी बीमार या घायल कुत्ते को सड़क पर तड़पता देखकर अधिकांश लोग आगे निकल जाते हैं, लेकिन संस्था के स्वयंसेवक उसकी मदद के लिए आगे आते हैं।उन्होंने कहा कि स्वयंसेवकों द्वारा आवारा कुत्तों का रेबीज रोधी टीकाकरण किया जा रहा है। साथ ही गंभीर रूप से बीमार और घायल कुत्तों को उपचार के लिए केंद्र तक पहुंचाकर उनकी देखभाल की जाती है। ऐसे कार्य समाज और मानवता के प्रति संवेदनशीलता का उदाहरण हैं।
दो भूखे कुत्तों को देखकर शुरू हुई थी मुहिम
होप्स फॉर एनिमलस्’ के संस्थापक मनीष रावत ने बताया कि कोरोना काल के दौरान उन्होंने दो कुत्तों को भूख और बीमारी से जूझते देखा। उनकी हालत बेहद खराब थी और उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं था। इसी घटना ने उन्हें पशुओं के लिए कुछ करने की प्रेरणा दी और वहीं से इस मुहिम की शुरुआत हुई। उन्होंने बताया कि शुरुआत में यह काम व्यक्तिगत स्तर पर शुरू किया गया था, लेकिन धीरे-धीरे लोग जुड़ते गए और यह प्रयास एक संस्था का रूप ले गया। आज संस्था की टीम न केवल कुत्तों को खाना और उपचार उपलब्ध करा रही है, बल्कि उनका रेबीज टीकाकरण, बीमारी की पहचान और जरूरत पड़ने पर रेस्क्यू भी कर रही है।
एंबुलेंस से सेंटर तक, इलाज के बाद फिर उसी जगह छोड़ते हैं
मनीष रावत के अनुसार विकासनगर में संस्था का एनिमल सेंटर संचालित किया जा रहा है। सड़क पर यदि कोई कुत्ता गंभीर रूप से बीमार या घायल अवस्था में मिलता है तो टीम उसे एंबुलेंस के माध्यम से सेंटर तक लेकर आती है। वहां उसका उपचार और देखभाल की जाती है। स्वस्थ होने के बाद उसे वापस उसी क्षेत्र में छोड़ दिया जाता है, जहां से उसे रेस्क्यू किया गया था। उन्होंने बताया कि संस्था की टीम विभिन्न क्षेत्रों में जाकर आवारा कुत्तों का टीकाकरण भी करती है। इस दौरान स्वयंसेवकों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन पशुओं की हालत देखकर वे पीछे नहीं हटते।
सरकारी मदद नहीं, अपने संसाधनों से चला रहे अभियान
रावत ने कहा कि संस्था को सरकारी स्तर से कोई विशेष आर्थिक सहायता नहीं मिल रही है। इसके बावजूद स्वयंसेवक अपने संसाधनों और सहयोगियों की मदद से एनिमल सेंटर और रेस्क्यू अभियान चला रहे हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि पशु सेवा के लिए काम कर रही संस्थाओं को आर्थिक और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाए, ताकि इस अभियान को और व्यापक बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि यदि पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हों तो अधिक संख्या में आवारा कुत्तों का टीकाकरण और उपचार किया जा सकता है। इससे पशुओं को राहत मिलने के साथ रेबीज जैसी गंभीर बीमारी के खतरे को भी कम किया जा सकेगा।
सम्मान से बढ़ा स्वयंसेवकों का हौसला
कार्यक्रम में वक्ताओं और मसूरी व्यापार मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने कहा कि पशु सेवा केवल संवेदना नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का भी विषय है। ‘होप्स फॉर एनिमलस्’ के स्वयंसेवकों ने अपने कार्यों से यह संदेश दिया है कि यदि समाज के युवा थोड़ा समय और सहयोग दें तो बेसहारा पशुओं की जिंदगी में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। रोटरी क्लब अध्यक्ष अश्वनी मित्तल ने सामाजिक संस्थाओं, व्यापारियों और आम लोगों से अपील की कि ऐसे सेवा कार्यों में आगे आकर सहयोग करें। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवकों का सम्मान उनकी मेहनत को पहचान देने के साथ ही दूसरे युवाओं को भी पशु सेवा के लिए प्रेरित करने का माध्यम है। इस मौके पर मनोरंजन त्रिपाठी, दीपक अग्रवाल, शैलेन्द्र कर्णवाल, मनीष गोयल,जगजीत कुकरेजा सहित कई लोग मौजूद थे।