पर्यटन नगरी मसूरी की माल रोड पर तेज रफ्तार वाहनों और प्रतिबंधित समय में वाहनों की आवाजाही पर अंकुश लगाने की तैयारी तेज हो गई है। इसके लिए माल रोड पर एनपीआर (नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे लगाए जाएंगे, जो वाहनों की नंबर प्लेट पहचानने के साथ यातायात नियमों के उल्लंघन पर ऑनलाइन चालान की कार्रवाई में मदद करेंगे। वहीं, शाम चार बजे से रात दस बजे तक प्रतिबंधित समय में वाहनों की एंट्री रोकने के लिए माल रोड के विभिन्न स्थानों पर ऑटोमेटिक बोलार्ड लगाए जाने की योजना है। इसके लिए एसडीएम मसूरी राहुल आनंद ने मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए), नगर पालिका, परिवहन विभाग और मसूरी पुलिस के अधिकारियों के साथ माल रोड का निरीक्षण कर स्थान चिह्नित किए।
एसडीएम राहुल आनंद ने बताया कि उच्च न्यायालय में प्रवेश पंत बनाम उत्तराखंड सरकार से संबंधित याचिका के क्रम में गृह सचिव और जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुसार माल रोड पर वाहनों की गति नियंत्रित करने और प्रतिबंधित समय में अनधिकृत वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए व्यवस्था तैयार की जा रही है। इसी को लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ संयुक्त निरीक्षण किया गया और कैमरे लगाने के लिए संभावित स्थान चिह्नित किए गए हैं। माल रोड पर एनपीआर कैमरे लगाए जाने का उद्देश्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की पहचान करना और उनकी गति पर नियंत्रण रखना है। कैमरों के माध्यम से वाहनों की नंबर प्लेट रिकॉर्ड की जा सकेगी और नियमानुसार ऑनलाइन चालान जारी करने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। इससे माल रोड पर यातायात निगरानी को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। माल रोड मसूरी का प्रमुख पर्यटन क्षेत्र है, जहां पैदल घूमने वाले पर्यटकों की बड़ी संख्या रहती है। ऐसे में तेज रफ्तार वाहनों से सुरक्षा का खतरा बना रहता है। प्रस्तावित कैमरा व्यवस्था से वाहनों की आवाजाही पर नजर रखने और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने की उम्मीद है।
माल रोड पर प्रतिबंधित समय के दौरान वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए विभिन्न स्थानों पर ऑटोमैटिक बोलार्ड लगाए जाने की योजना है। एसडीएम के अनुसार, प्रतिबंधित समय में ये बोलार्ड स्वतः ऊपर उठकर रास्ता बंद कर देंगे, जिससे सामान्य वाहनों का प्रवेश रोका जा सकेगा। इस दौरान केवल आपातकालीन वाहनों को नियमानुसार निकलने की अनुमति देने की व्यवस्था प्रस्तावित है। इस व्यवस्था का उद्देश्य माल रोड को अनावश्यक वाहन दबाव से मुक्त करना और पैदल घूमने वाले पर्यटकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। हालांकि, बोलार्ड और कैमरों की स्थापना तथा व्यवस्था लागू करने की अंतिम प्रक्रिया उच्च अधिकारियों के निर्देशों के बाद आगे बढ़ेगी।
मसूरी में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के लिए प्रशासन मसूरी झड़ीपानी से कोल्हूखेत तक वैकल्पिक मार्ग विकसित करने की संभावनाओं पर भी विचार कर रहा है। एसडीएम राहुल आनंद ने बताया कि प्रस्तावित मार्ग को मोटर मार्ग के रूप में विकसित किया जा सकता है या नहीं, इसका निरीक्षण किया जा रहा है। इसकी व्यवहार्यता का आकलन करने के बाद विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी।यदि यह मार्ग मोटर वाहनों के आवागमन के लिए उपयुक्त पाया जाता है, तो भविष्य में मसूरी के यातायात प्रबंधन में मदद मिल सकती है। हालांकि, इसके लिए सड़क की स्थिति, निर्माण की संभावनाओं और अन्य जरूरी पहलुओं का तकनीकी आकलन किया जाना आवश्यक होगा।मसूरी में पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही के साथ माल रोड और शहर के अन्य प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रबंधन चुनौती बना हुआ है। ऐसे में कैमरों, ऑटोमैटिक बोलार्ड और वैकल्पिक मार्ग की योजना को यातायात सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।एसडीएम ने बताया कि निरीक्षण के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उच्च अधिकारियों से निर्देश प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि कैमरे और बोलार्ड लगाने की योजना कब तक धरातल पर उतरती है और इससे माल रोड पर यातायात नियंत्रण कितना प्रभावी हो पाता है। इस मौके पर एई एमडीडीए अजय मलिक, कर अधीक्षक अनिरुद्ध चौधरी, एआरटीओ रत्नाकर सिंह, एसएसआई सतेन्द्र भाटी सहित कई अधिकारी मौजूद थे।

