ऐतिहासिक घोषणाओं से जौनसार बावर के विकास और समृद्धि के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता

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जौनसार बावर क्षेत्र के विकास को नई ऊंचाई देने और यहां की समृद्ध जनजातीय संस्कृति को सहेजने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को नागथात पहुंचे। जौनसार बावर पुनरुत्थान समिति के तत्वाधान में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी केदार सिंह स्टेडियम में आयोजित 33वें खेलकूद एवं सांस्कृतिक महोत्सव 2026 का मुख्यमंत्री ने भव्य शुभारंभ किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों को करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं की सौगात देते हुए कई बड़ी घोषणाएं की, जिससे चकराता और कालसी विकासखंड के सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी, शिक्षा और पेयजल संकट का स्थाई समाधान होगा।

महोत्सव में शिरकत करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने सबसे पहले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय केदार सिंह की भव्य प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इसके बाद उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए जौनसार बावर की वीर और स्वाभिमानी जनता की सराहना की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जौनसार बावर की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।  समरजेंस मोटर मार्ग का चौड़ीकरण और डामरीकरण किया जाएगा। इसके साथ ही द्वीना से बिसोई खुना अलमान तक नए संपर्क मार्ग का निर्माण होगा। विकासखंड चकराता के बागी-खेड़ा-कोटा-तपलाड मार्ग के अंतर्गत यमुना नदी पर 60 मीटर स्पान पुल का निर्माण किया जाएगा। कालसी के ग्राम सकरोल से ग्राम भोड़ा-भालनू एवं उटेल होते हुए द्वितीय सिद्ध पीठ महासू महाराज थैना तक मोटर मार्ग का निर्माण होगा। चकराता के क्यारापुल-डामटा-म्यूंडा मार्ग से छामरी एवं जाखणी तक भी नई सड़क बनेगी। ग्राम खबऊ के खेड़ा रमारका-कुन्ना-बुराष्टी क्षेत्र के लिए यमुना नदी से एक बड़ी पंपिंग पेयजल योजना बनाई जाएगी। इसके अलावा जगथान बुरायला मार्ग से ग्राम उदांवा तक सड़क निर्माण को पीएमजीएसवाई में शामिल किया जाएगा।  प्राथमिक विद्यालय नागथात को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर 'आदर्श विद्यालय' के रूप में विकसित किया जाएगा।सांस्कृतिक पुनरूत्थान समिति के 33 वर्षों के प्रयासों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जौनसार बावर अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ मेहनतकश, सरल और बेहद स्वाभिमानी समाज के लिए जाना जाता है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा "जौनसार बावर में उत्तराखंड की मूल आत्मा के साक्षात दर्शन होते हैं। यहां की संस्कृति, परंपराएं, सरलता और प्रकृति के प्रति सम्मान हमारी सबसे बड़ी धरोहर है। जौनसार के रासो की थाप, हारूल की गूंज और बौंद जैसी महान परंपराएं न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश का गौरव हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के जनजातीय समाज के सम्मान और शिक्षा के लिए ऐतिहासिक कार्य हो रहे हैं। 'प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान' के तहत उत्तराखंड के 128 जनजातीय गांवों को चिह्नित किया गया है, जहां सड़क, बिजली, पानी और इंटरनेट जैसी हर बुनियादी सुविधा पहुंचाकर उनका कायाकल्प किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में कालसी, मेहरावना, बाजपुर और खटीमा में 'एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय' सफलतापूर्वक चल रहे हैं, जबकि बाजपुर और चकराता में नए एकलव्य विद्यालयों का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। जनजातीय कल्याण योजनाओं का ब्योरा देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्राथमिक से लेकर स्नातकोत्तर (PG) स्तर तक छात्रवृत्ति दे रही है। वर्तमान में 16 राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय संचालित हैं। इसके साथ ही जनजातीय समुदाय की बेटियों के विवाह के लिए ₹50 हजार की आर्थिक सहायता दी जा रही है और जनजातीय शोध संस्थान के लिए ₹1 करोड़ का कॉर्पस फंड स्थापित किया गया है। मुख्यमंत्री ने विकास के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि चकराता के लिए स्वीकृत ₹39 करोड़ की 56 योजनाओं में से 51 पूरी हो चुकी हैं। पूरे क्षेत्र की सड़कों को सुदृढ़ करने के लिए ₹1,300 करोड़ से अधिक की योजनाओं पर काम चल रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग 707 और 707 ए का चौड़ीकरण जारी है, और कालसी-चकराता मार्ग पर 'जजरेड़' भूस्खलन समस्या का स्थाई समाधान खोज लिया गया है। इसके अलावा, न्यू चकराता टाउनशिप के लिए ₹229 करोड़ की 'हय्यो डाडा पंपिंग योजना' और महासू देवता मंदिर परिसर के भव्य विकास के लिए ₹120 करोड़ का ऐतिहासिक मास्टर प्लान क्षेत्र की तस्वीर बदलने जा रहा है।