स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार से निकले अधिकारी ने सेवा, साहस और नेतृत्व से बनाई अलग पहचान; विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति ने किया सम्मानित
मसूरी। जौनसार की वीरभूमि ने एक बार फिर देश सेवा में अपनी पहचान दर्ज कराई है। मसूरी से सटे जौनसार क्षेत्र के खत बहलाड के विसोई गांव निवासी आइजी गंभीर सिंह चौहान को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उनकी विशिष्ट एवं उत्कृष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की ओर से प्रदान किया गया यह सम्मान न केवल आइजी चौहान की उपलब्धि है, बल्कि जौनसार-बावर और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल के लिए भी गौरव का विषय है। वर्तमान में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) में तैनात आइजी गंभीर सिंह चौहान ने अपने सेवाकाल में कर्तव्यनिष्ठा, साहस, नेतृत्व क्षमता और उच्च पेशेवर दक्षता का परिचय दिया। आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में उनके महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुए उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया।
स्वतंत्रता सेनानी परिवार से मिली देशसेवा की विरासत
आइजी गंभीर सिंह चौहान का संबंध ऐसे परिवार से है, जिसकी पहचान देश और समाज के प्रति समर्पण से रही है। उनके परिवार में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी केदार सिंह जैसे वीर पुरुष रहे हैं। ऐसे परिवार में पले-बढ़े गंभीर सिंह चौहान ने भी देशसेवा को अपने जीवन का लक्ष्य बनाया और सुरक्षा बल में रहते हुए विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। जौनसार के विसोई गांव से निकलकर देश की सुरक्षा व्यवस्था में शीर्ष जिम्मेदारी तक पहुंचना क्षेत्र के युवाओं के लिए भी प्रेरणादायी माना जा रहा है। उनके सम्मानित होने की खबर के बाद क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है।
साहस और नेतृत्व के लिए मिला सम्मान
राष्ट्रपति पुलिस पदक उन्हें सेवाकाल में अटूट निष्ठा, अदम्य साहस, निर्भीकता, उच्च स्तरीय व्यावसायिकता, असाधारण नेतृत्व और उत्कृष्ट सेवाओं के लिए प्रदान किया गया है। सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े चुनौतीपूर्ण दायित्वों के दौरान उनके योगदान को इस सम्मान के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
मसूरी स्थित आइटीबीपी अकादमी में खुशी
आइजी गंभीर सिंह चौहान को राष्ट्रपति पुलिस पदक मिलने पर मसूरी स्थित भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल अकादमी में भी खुशी का माहौल है। अकादमी के पीआरओ धर्मेंद्र भंडारी ने कहा कि आइजी गंभीर सिंह चौहान को राष्ट्रपति पदक मिलना पूरे आइटीबीपी के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि चौहान की उपलब्धि बल के जवानों और अधिकारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। जौनसार-बावर के लोगों ने भी आइजी गंभीर सिंह चौहान को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने अपनी मेहनत, साहस और कर्तव्यनिष्ठा से क्षेत्र का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है।

