मसूरी। मसूरी-देहरादून मार्ग पर पानी वाला बैंड एक बार फिर यात्रियों के लिए मुसीबत का सबब बन गया। रात की बारिश के बाद सड़क पर भारी मलबा और कीचड़ जमा होने से बुधवार सुबह करीब तीन घंटे तक यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। सड़क बंद होने से दोनों ओर करीब 5 से 10 किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार लग गई। जाम में दो एंबुलेंस समेत सैकड़ों स्थानीय लोग और पर्यटक फंस गए। पानी वाले बैंड के पास पहले सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के बाद लोक निर्माण विभाग ने पहाड़ी काटकर करीब पांच मीटर हिस्सा तैयार कर यातायात बहाल किया था। लेकिन बारिश के बाद इसी हिस्से पर बड़ी मात्रा में मलबा और गीली मिट्टी आ गई। दलदल जैसी स्थिति बनने पर सुबह मार्ग को कुछ समय के लिए पूरी तरह बंद करना पड़ा।
छात्रों से लेकर मरीजों तक परेशान
सुबह मार्ग बंद होने का सबसे ज्यादा असर देहरादून जाने वाले छात्रों और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ा। कई वाहन कीचड़ में फंस गए, जबकि दुपहिया वाहन फिसलने से लोग दुर्घटना का शिकार होने से बाल-बाल बचे। जाम में मरीजों को लेकर जा रही दो एंबुलेंस भी फंस गईं, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई। लोक निर्माण विभाग की ओर से तीन जेसीबी और रोड रोलर की मदद से मलबा हटाने और मार्ग को व्यवस्थित करने का काम शुरू किया गया। करीब दो घंटे बाद एक तरफ से वन-वे यातायात शुरू किया गया और लगभग तीन घंटे की मशक्कत के बाद मार्ग को यातायात के लिए खोल दिया गया। हालांकि सड़क पर गीली मिट्टी और कीचड़ के कारण वाहन चालकों की परेशानी देर तक बनी रही।
पर्यटकों ने कहा- जाम से खराब हो रही मसूरी की छवि
जाम में फंसे देहरादून निवासी पर्यटक मुकेष कुमार ने बताया कि वह करीब डेढ़ घंटे तक रास्ते में फंसे रहे। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में नौकरीपेशा लोगों के साथ पर्यटकों को भी भारी परेशानी होती है। पंजाब से आये गुरमीत सिंह ने सड़क पर कीचड़ और उमस के कारण पैदल चलने में हो रही परेशानी का जिक्र करते हुए पहाड़ों की यात्रा में सावधानी बरतने की अपील की। वहीं पर्यटक संदीप ने कहा कि मसूरी जैसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल के मुख्य मार्ग पर घंटों जाम लगना चिंता का विषय है। इससे उत्तराखंड और मसूरी की पर्यटक छवि प्रभावित होती है।
15 अगस्त से पहले चुनौती बढ़ी
मसूरी में स्वतंत्रता दिवस की छुट्टियों के दौरान बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में यदि पानी वाले बैंड पर सड़क की स्थिति पूरी तरह ठीक नहीं हुई तो आने वाले दिनों में यातायात का दबाव बढ़ने से हालात और गंभीर हो सकते हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि सड़क का स्थायी समाधान किया जाए और भारी निर्माण कार्य संभव हो तो रात के समय कराया जाए, ताकि दिन में यातायात प्रभावित न हो।
दो लेन सड़क तैयार करने में जुटा लोनिवि
लोक निर्माण विभाग के जूनियर इंजीनियर प्रदीप सैनी ने बताया कि बारिश के बाद सड़क पर आए मलबे को तत्काल हटाया गया और यातायात सुचारु करने के प्रयास किए गए। उन्होंने बताया कि प्रभावित हिस्से को व्यवस्थित करने के साथ दो लेन सड़क तैयार करने का काम किया जा रहा है, ताकि वाहनों की आवाजाही में परेशानी न हो। विभाग का कहना है कि मलबा आने के बाद जेसीबी की मदद से तेजी से कार्रवाई कर मार्ग खोल दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्थायी तौर पर सड़क खोलने के बजाय पानी वाले बैंड पर मजबूत पुश्ता और सुरक्षित सड़क तैयार करना जरूरी है, क्योंकि हर बारिश के बाद यहां यातायात बाधित होने का खतरा बना हुआ है।

