मसूरी की सड़कें, जमीन के मामले और 2027 का चुनाव... आर्यन देव उनियाल बोले- जनता का भरोसा भाजपा के साथ

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मसूरी। पहाड़ों की रानी मसूरी में सड़क, जमीन और ग्रामीण क्षेत्रों की विकास संबंधी समस्याओं को लेकर सियासत गरमाने लगी है। भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री एवं अधिवक्ता आर्यन देव उनियाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर मसूरी विधानसभा क्षेत्र की कई प्रमुख जनसमस्याओं को उनके सामने रखा। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में आर्यन देव उनियाल ने कहा कि मसूरी की समस्याओं को केवल ज्ञापन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उनके समाधान के लिए अधिकारियों से लगातार फॉलोअप किया जाएगा। उन्होंने खासतौर पर मसूरी की नोटिफाइड और डी-नोटिफाइड भूमि के सर्वे और सीमांकन का मामला उठाया।उनका कहना है कि लंबे समय से भूमि संबंधी मामलों के कारण स्थानीय लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सर्वे और सीमांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही कई मामलों का स्थायी समाधान संभव होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस प्रक्रिया को जल्द पूरा कराने और उसके बाद आवश्यक कार्रवाई समयबद्ध तरीके से करने की मांग की है। आर्यन देव उनियाल ने मसूरी-देहरादून मार्ग के क्षतिग्रस्त हिस्से को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान सड़क का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त होना गंभीर विषय है। पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कें केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और पर्यटन व्यवस्था की लाइफलाइन हैं।उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में लापरवाही या गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। सरकार को ऐसे मामलों में जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई करनी चाहिए।उन्होंने हाल में नंद की चौकी क्षेत्र में निर्माणाधीन पुल को लेकर उठे सवालों का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। निर्माण से जुड़ी कंपनी को भी नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे साफ है कि सरकार भ्रष्टाचार और निर्माण कार्यों में अनियमितता के मामलों में कार्रवाई करने से पीछे नहीं हट रही है। भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के सामने मसूरी शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को भी रखा गया है। चमासारी, सुवाखोली और आसपास के गांवों में सड़क एवं मोटर मार्गों के निर्माण और सुधार की जरूरत पर विशेष जोर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि मसूरी का विकास केवल शहर तक सीमित नहीं होना चाहिए। आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों को भी बेहतर सड़क, यातायात और अन्य मूलभूत सुविधाएं मिलनी चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों के विकास से पलायन रोकने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी। आर्यन देव उनियाल ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं के प्रदर्शन को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से रखने का अधिकार है, लेकिन कुछ लोग ऐसे आंदोलनों का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि किसी भी मुद्दे को राजनीतिक रूप देने और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करने के प्रयास को स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने दावा किया कि देश का युवा भाजपा के साथ खड़ा है और युवा वर्ग केंद्र और राज्य सरकार के कामकाज को देख रहा है। 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सोशल मीडिया पर भाजपा विधायकों के टिकट कटने संबंधी चर्चाओं पर भी आर्यन देव उनियाल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर कई तरह की बातें चलती रहती हैं, लेकिन हर चर्चा का कोई आधार नहीं होता। उन्होंने कहा कि अभी से टिकट को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं, जबकि पार्टी अपने स्तर पर चुनाव की तैयारियों में जुटी है। उन्होंने दावा किया कि इन चर्चाओं से भाजपा की चुनावी स्थिति पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है। आर्यन देव उनियाल ने दावा किया कि 2027 में उत्तराखंड में एक बार फिर भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार जनता से जुड़े मुद्दों पर काम कर रही है और इसका असर आने वाले चुनाव में दिखाई देगा।उन्होंने कहा कि जब 2027 में मतपेटियां खुलेंगी तो जनता का फैसला सामने होगा और भाजपा के पक्ष में कमल खिलेगा। उनके मुताबिक केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर काम कर रही है।उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का फोकस विकास योजनाओं को जमीन पर उतारने और अंतिम व्यक्ति तक उसका लाभ पहुंचाने पर है। मसूरी के संदर्भ में उन्होंने कहा कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान के लिए वह आगे भी सरकार और अधिकारियों के सामने मुद्दे उठाते रहेंगे।