मसूरी मॉल रोड विवाद ने पकड़ा तूल, रेहड़ी-पटरी समिति ने पालिका पर लगाए गंभीर आरोप

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मसूरी मॉल रोड पर अतिक्रमण हटाने को लेकर नगर पालिका और रेहड़ी-पटरी कारोबारियों के बीच शुरू हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। जहां एक ओर नगर पालिका कर्मचारियों ने सरकारी कार्य में बाधा, अभद्रता और धमकी देने के आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है, वहीं दूसरी ओर रेहड़ी-पटरी कमजोर वर्ग कल्याण समिति ने पालिका प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई और उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। समिति के अध्यक्ष संजय राम्टा ने कहा कि वर्षों से रेहड़ी-पटरी लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाले गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों को बिना वैकल्पिक व्यवस्था के हटाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शनिवार रात चलाए गए अभियान के दौरान महिलाओं और पटरी कारोबारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया, जिससे उनमें भारी रोष है।समिति का कहना है कि नगर पालिका केवल छोटे कारोबारियों पर कार्रवाई कर रही है, जबकि शहर में अन्य प्रकार के अतिक्रमणों पर अपेक्षित कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि गरीब परिवारों के रोजगार पर इस तरह प्रहार किया गया तो समिति आंदोलन करने को मजबूर होगी। वहीं नगर पालिका प्रशासन का कहना है कि मॉल रोड की व्यवस्था बनाए रखने और पर्यटकों की सुविधा के लिए अतिक्रमण हटाना जरूरी है। पालिका के अनुसार अभियान पूरी तरह नियमानुसार चलाया गया और कुछ लोगों ने सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए कर्मचारियों के साथ अभद्रता की।
एमयूएस 108 (मसूरी पटरी व्यापारी)