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फरहान साबिर की आवाज पर झूमी मसूरी, सूफियाना अंदाज और कव्वालियों ने बांधा समां

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मसूरी। शरदोत्सव की संगीत संध्या में जब फरहान साबिर ने अपनी आवाज का जादू बिखेरा तो टाउन हॉल का माहौल सुरों और तालियों से गूंज उठा। ‘द वॉयस इंडिया’ के विजेता और ‘इंडियाज गॉट टैलेंट’ के फाइनलिस्ट फरहान साबिर ने नए-पुराने गीतों के साथ कव्वालियां सुनाकर दर्शकों का दिल जीत लिया। उनकी प्रस्तुति पर युवा देर तक झूमते रहे। सूफियाना अंदाज और दमदार आवाज ने सांस्कृतिक संध्या को यादगार बना दिया। कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में फरहान साबिर ने कहा कि उन्हें मसूरी में प्रस्तुति देने के लिए राहुल छाबड़ा ने संपर्क किया था। यहां आने से पहले उन्हें जिस तरह के अनुभव की उम्मीद थी, उससे कहीं ज्यादा आनंद और प्यार मिला। उन्होंने कहा कि दर्शकों में युवाओं की अच्छी भागीदारी देखकर खुशी हुई। मसूरी की जनता ने उन्हें भरपूर स्नेह दिया, जिसके लिए वह आभारी हैं। उन्होंने इस अनुभव को अपनी जिंदगी के यादगार पलों में शामिल बताया। फरहान साबिर ने बताया कि वह कई रियलिटी शो में अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं। ‘द वॉयस इंडिया’ जीतने और ‘इंडियाज गॉट टैलेंट’ के फाइनल तक पहुंचने के दौरान उन्हें दर्शकों का भरपूर प्यार मिला। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश रहती है कि जहां भी प्रस्तुति दें, वहां संगीत की महफिल यादगार बन जाए। वह श्रोताओं के लिए नए-नए गीत भी तैयार करते रहते हैं। उन्होंने बताया कि उनके कुछ नए गाने जल्द रिलीज होने वाले हैं और उन्हें उम्मीद है कि इन्हें हर उम्र के श्रोता पसंद करेंगे। फरहान ने बॉलीवुड में भी गायन का अवसर मिलने की बात कही, हालांकि फिलहाल उन्होंने इससे जुड़ी परियोजना का खुलासा नहीं किया। उन्होंने बताया कि चर्चित कलाकार तनु रावत के साथ भी उन्हें काम करने का अवसर मिल रहा है। फरहान साबिर ने 12 साल बाद मसूरी में शरदोत्सव की वापसी को सराहनीय कदम बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन स्थापित कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देते हैं, वहीं उभरते कलाकारों को भी अपनी पहचान बनाने के लिए मंच मिलता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मसूरी में आगे भी ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम होते रहेंगे। फरहान साबिर ने नगर पालिका और आयोजन से जुड़े लोगों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में दोबारा मसूरी आने की इच्छा जताई। उनकी प्रस्तुति ने शरदोत्सव में संगीत प्रेमियों को मनोरंजन देने के साथ यह भी दिखाया कि सांस्कृतिक मंच कलाकारों और दर्शकों के बीच जुड़ाव मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं।